खूंटी पुलिस द्वारा अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने का बड़ा अभियान 100 एकड़ से अधिक खेती नष्ट

खेत में अफीम उगाने पर मामला दर्ज - Panchayat Times

खूंटी. जिले के खूंटी मुरहू सोयको तथा मारंगहादा थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने का अभियान चलाया हुआ है और इस अभियान के दौरान जिले में 100 एकड़ से अधिक फसलों को नष्ट कर चुकी है. एसपी आशुतोष शेखर के निर्देश पर खूंटी, मुरहू, सोयको और मारंगहादा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तक चले अभियान से100एकड़ से अधिक का आंकडा पार कर लिया गया है.

अवैध अफीम को नष्ट करने के लिए जिले के सभी थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया है, टीम अवैध अफीम की खेती करने वालों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है. इधर पुलिस की कारवाई से क्षेत्र के आम लोगों में दहशत व्याप्त है क्योंकि अभियान के दौरान पुलिस ने एक दर्जन से अधिक खेती करने वालों को चिन्हित कर एनडीपीएस सहित आईपीसी के विभिन्न धाराओं के तहत काण्ड दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है.

अड़की थाना में ही कुल 12 लोगों के खिलाफ नामजद काण्ड दर्ज

अड़की थाना में ही कुल 12 लोगों के खिलाफ नामजद काण्ड दर्ज किया गया है जिसमे नौढ़ी पंचायत के तिरिलडीह गांव के 6 ग्रामीण शामिल है, जिसमें बुधन राम, चामू मुंडा, कईदास मुंडा, सुखराम मुंडा, घासीराम मुंडा और एक नाबालिग के अलावा आधा दर्जन लोग शामिल है. नामजद अभियुक्तों में घासी राम मुंडा को पुलिस ने जेल भेज दिया है, साथ ही इन लोगों के खेत से दर्जनों पम्प सेट भी पुलिस ने जप्त जब्त किया है.

खूंटी के साथ-साथ सीमावर्ती रांची के तमाड़ थाना से महज आठ किलोमीटर की दूरी पर भी वृहद् पैमाने पर अफीम की खेती की गई और तमाड़ पुलिस भी अफीम को नष्ट करने का अभियान चला रही है और इस अभियान के दौरान तमाड़ पुलिस ने भी लगभग 50 एकड़ से अधिक में लगी फसलों को नष्ट किया है.

तमाड़ में भी तमाड़ थानेदार चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है लेकिन तमाड़ पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है न किसी भी खेती करने वाले को चिन्हित किया है जिससे तमाड़ इलाके के अफीम कारोबारी का मनोबल बढ़ा हुआ है.

कम से कम 500 करोड़ का कारोबार

खूंटी जिले की बात की जाये तो गत वर्ष से ज्यादा अफीम की खेती लगाई गई है. लगे फसलों से अगर गीला अफीम बाजारों तक पहुँच जाए तो कम से कम 500 करोड़ का कारोबार अफीम से होगा और नशे के कारोबारी सहित खेती करने वाले किसान मालामाल हो जाएंगे हालाँकि पुलिस उनके इस मनसूबे को विफल करने के लिए अभियान चला रही है.

देखना होगा कि पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियान से अफीम मफियाओं पर कितना असर पड़ता है और कितने तस्कर गिरफ्तार में आते है क्योंकि पिछले वर्ष की बात की जाये तो पुलिस ने तीन दर्जन से अधिक तस्कर, लगभग दो करोड़ नकद और100किलो से अधिक गीला अफीम पुलिस ने जब्त किया था.