डॉक्टर कलाम को याद कर रहा पूरा देश

डॉक्टर एपीजी अब्दुल कलाम को याद कर रहा पूरा देश-Panchayat Times
The former President, Dr. A.P.J. Abdul Kalam delivering key note address on "Strength Respects Strength", at the 5th Admiral A.K. Chatterji Memorial Lecture, in Kolkata

नई दिल्ली. आज पूरा भारत अपने पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉक्टर एपीजी अब्दुल कलाम को याद कर रहा है. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था. भारत को मिसाइल और परमाणु शक्ति संपन्न बनाने वाले कलाम जितने महान वैज्ञानिक थे, उतने ही शांत व्यक्ति जिनके मन में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पलता था. कलाम की अगुवाई में भले ही भारत में सबसे खतरनाक और घातक डिफेंस मिसाइलों का निर्माण हुआ हो, लेकिन वह हमेशा बेहद और सहज और सरल नेता के तौर पर दुनिया को नजर आए.

 डॉक्टर एपीजी अब्दुल कलाम को याद कर रहा पूरा देश-Panchayat Times

कलाम के सफर पर एक नजर

1. भारत को बैलेस्टिक मिसाइल और लॉन्चिंग टेक्नोलॉजी की दुनिया में आत्मनिर्भर बनाने के कारण ही एपीजे अब्दुल कलाम का नाम मिसाइल मैन पड़ा. 1982 में कलाम को डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट लेबोरेट्री का डायरेक्टर बनाया गया. जिसके बाद कलाम ने डॉ. वीएस अरुणाचलम के साथ इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का प्रस्ताव तैयार किया. इसी की बदौलत उन्होंने भारत के लिए पृथ्वी, त्रिशूल, आकाश, नाग, ब्रह्मोस समेत कई मिसाइल बनाईं.

2. साल 1962. कलाम पहली बार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) पहुंचे. कलाम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते हुए भारत ने अपना स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 बनाया. कलाम ने स्वदेशी गाइडेड मिसाइल को डिजाइन किया, जिसके चलते पृथ्वी और अग्नि जैसी मिसाइलें भारत में बनाना सभंव हो पाया.

3. साल 1992 से 1999 तक कलाम रक्षामंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे. जब वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दोबारा न्यूक्लियर टेस्ट किया तब कलाम ने बड़ी भूमिका निभाई .

4. अब्दुल कलाम सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस दोनों के समर्थन के साथ 2002 में भारत के राष्ट्रपति चुने गए. पांच वर्ष की सेवा अवधि के बाद, वह शिक्षा, लेखन और सार्वजनिक सेवा के अपने नागरिक जीवन में लौट आए.

मिसाइल मैन बनने की कहानी

सितंबर 1985. त्रिशूल का परिक्षण. फरवरी 1988 में पृथ्वी और मई 1989 में अग्नि का परीक्षण किया गया. इसके बाद 1998 में रूस के साथ मिलकर भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने पर काम शुरू किया और ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई. ब्रह्मोस धरती, आसमान और समुद्र कहीं से भी प्रक्षेपित किया जा सकता है. इस सफलता के बाद कलाम को मिसाइल मैन की ख्याति मिली.

उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया था. 27 जुलाई, 2015 को  एक कार्यकृम में भाषण देते हुए शिलांग में उनका निधन हो गया था.

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