क्या है डिजिटल डिवाइड जिसके चलते ग्रामीण भारत कर रहा है आवश्यक सूचना की कमी का सामना

क्या है डिजिटल डिवाइड जिसके चलते ग्रामीण भारत कर रहा है आवश्यक सूचना की कमी का सामना - Panchayat Times
Source:- Internet

नई दिल्ली. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के 75वें दौर (जुलाई 2017-जून 2018) के सर्वेक्षण के एक हिस्से के रूप में भारत में ‘पारिवारिक सामाजिक उपभोग: शिक्षा’ पर जारी एक रिपोर्ट के आंकड़े भारत में राज्यों, शहरों, गांवों और अलग-अलग आय समूहों के बीच मौजूद गंभीर डिजिटल डिवाइड को दर्शाते हैं.

क्या है डिजिटल डिवाइड

आसान भाषा में समझे तो डिजिटल डिवाइड का अर्थ है समाज में सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (Information Communication & Technology) के उपयोग तथा प्रभाव के संबंध में एक आर्थिक और सामाजिक असमानता से है.

भारत में 10 घरों में से केवल 1 के पास ही कंप्यूटर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 10 घरों में से केवल 1 के पास ही कंप्यूटर (डेस्कटॉप, लैपटॉप या टैबलेट) की सुविधा उपलब्ध है. हालांकि देश के 23.8% घरों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें स्मार्टफोन समेत अन्य सभी उपकरण शामिल हैं.

राजधानी दिल्ली में इंटरनेट की पहुंच सबसे अधिक, हिमाचल प्रदेश और केरल दो ऐसे राज्य हैं जहां आधे से अधिक घरों में इंटरनेट की सुविधा

रिपोर्ट के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में इंटरनेट की पहुंच सबसे अधिक है और यहां के 55.7 प्रतिशत घरों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है. हिमाचल प्रदेश और केरल दो अन्य ऐसे राज्य हैं जहां आधे से अधिक घरों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है.

Percentage of households with computer and internet facility for different States (Source;- NSSO)

सबसे खराब स्थिति ओडिशा की

वहीं दूसरी ओर इंटरनेट तक पहुंच के मामले में सबसे खराब स्थिति ओडिशा की है, जहां मात्र 10 प्रतिशत घरों में ही इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है. डिजिटल डिवाइड की परिभाषा में प्रायः सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) तक आसान पहुंच के साथ-साथ उस प्रौद्योगिकी के उपयोग हेतु आवश्यक कौशल को भी शामिल किया जाता है.

कितना है डिजिटल डिवाइड का प्रभाव

डिजिटल डिवाइड का सबसे ज्यादा प्रभाव शिक्षा पर देखने को मिलता है, क्योंकि इंटरनेट ज्ञान और सूचना का एक बहुत बड़ा भंडार उपलब्ध कराता है, विशेषज्ञ मानते हैं कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) की पहुंच और उपलब्धता अकादमिक सफलता और अच्छे रिसर्च की गतिविधियों से जुड़ी हुई है, क्योंकि इंटरनेट के माध्यम से किसी भी सूचना तक काफी जल्दी और आसानी से पहुंचा जा सकता है.

ग्रामीण भारत आवश्यक सूचना की कमी का कर रहा है सामना

सोशल मीडिया के युग में, डिजिटल कनेक्टिविटी के बिना राजनीतिक सशक्तीकरण और काफी मुश्किल हो गया है. डिजिटल डिवाइड के कारण ग्रामीण भारत आवश्यक सूचना की कमी का सामना कर रहा है, जो कि गरीबी, अभाव और पिछड़ेपन के दुष्चक्र को और मजबूत करता है.

डिजिटल डिवाइड के क्या है बड़े कारण

साक्षरता दर में कमी

कम साक्षरता दर देश में डिजिटल डिवाइड को बढ़ाने में सबसे ज्यादा भूमिका निभाती है, प्राथमिक या माध्यमिक स्तर की शिक्षा प्राप्त लोगों की तुलना में उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त लोग कंप्यूटर और इंटरनेट का अधिक कुशलता से प्रयोग कर सकते हैं.

आय का स्तर ओर ग्रामीण भारत

डिजिटल डिवाइड को बढ़ाने में आय के स्तर का अंतर भी अपनी भूमिका अदा करता है, प्रायः उच्च आय वाले लोगों के लिये कंप्यूटर और इंटरनेट समेत अन्य सभी सेवाएं काफी आसानी से उपलब्ध होती हैं, जबकि निम्न आय वाले लोगों के लिये ऐसा नहीं होता है.

ग्रामीण भारत में लोगों की आय शहरों के मुकाबले काफी कम होती है जिसके चलते ग्रामीण भारत में इन सुविधाओं में पिछड़ जडाता है. कम आय वाले लोगों के पास धन कि काफी कमी होती है और उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में ही चला जाता है. वे प्रौद्योगिकी को एक विलासिता के रूप में देखते हैं.