जानिए क्या है स्वामित्व योजना और ग्राम स्वराज पोर्टल/ऐप जिनको पंचायती राज दिवस के मौके पर पीएम ने किया लॉन्च

जानिए क्या है स्वामित्व योजना और ग्राम स्वराज पोर्टल/ऐप जिनको पंचायती राज दिवस के मौके पर पीएम ने किया लॉन्च - Panchayat Times
PM Modi launching Swamitav Yojana

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी ग्राम पंचायतों के लिए दो योजनाएं शुरू कर दी हैं. पंचायती राज दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने स्वामित्व योजना 2020 की शुरुआत करने के साथ ही ग्राम स्वराज (Simplified Work Based Accounting Application for Panchayati Raj) पोर्टल और ऐप को भी लॉन्च किया.

ई-ग्राम ऐप पर होगा पंचायत के फंड और कामकाज का ब्‍योरा

ये भविष्य में ग्राम पंचायत के अलग-अलग कामों का लेखा-जोखा रखने वाला सिंगल प्लेटफॉर्म बनेगा, अब अलग-अलग एप्लीकेशंस में अलग-अलग काम करने की जरूरत आपको नहीं पड़ेगी.

इस ऐप पर पंचायत के विकास कार्य की डिटेल से लेकर उसके लिए तय फंड और उसके खर्च से जुड़ी तमाम जानकारियां रहेंगी. इस ऐप के जरिये गांव के हर व्यक्ति को पता होगा कि उसके क्षेत्र में क्या योजना चल रही है. उस पर कितना पैसा खर्च हो रहा है. ये दोनों जान‍कारियां हर ग्रामीण के पास होने से पंचायतों के काम में पारदर्शिता आना तय है.

पंचायतों में पारदर्शिता (Transparency) भी बढ़ेगी

इससे ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता (Transparency) भी बढ़ेगी, रिकॉर्ड रखने का काम भी ज्यादा सरल होगा और प्रोजेक्टस की प्लानिंग से लेकर पूरो होने की प्रक्रिया भी तेज होगी.

ई-ग्राम स्‍वराज पोर्टल के जरिये ग्राम पंचायतों की समस्या, उनसे जुड़ी जानकारी एक ही जगह पर उपलब्‍ध हो सकेगी. पीएम मोदी ने कहा, ‘कोरोना संकट से हमें सबक मिला है कि अब आत्मनिर्भर होना काफी जरूरी है. कोरोना संकट के बीच गांव वालों ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया.

स्‍वामित्‍व योजना 2020 से खत्‍म होंगे संपत्ति को लेकर झगड़े

गांवों में प्रॉपर्टी को लेकर अकसर झगड़े देखने को मिलते है. स्वामित्व योजना इसी को ठीक करने का एक प्रयास है. इस योजना के तहत देश के सभी गांवों में आवासों की ड्रोन से मैपिंग की जाएगी. इसके बाद गांव के लोगों को प्रॉपर्टी का एक मालिकाना प्रमाण पत्र (Title Deed) दिया जाएगा.

स्वामित्व योजना 2020 के जरिये ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को कई फायदे होंगे. इससे संपत्ति को लेकर भ्रम और झगड़े खत्म हो जाएंगे. इससे गांव में विकास कार्यों की योजना बनाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा शहरों की ही तरह अब गांवों में भी लोग बैंकों से कर्ज ले सकेंगे.

छह राज्यों में ये योजना प्रायोगिक तौर पर शुरु

इसके साथ ही गांवों में विकास कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी. वहीं, शहरों की ही तरह ग्रामीण इलाकों में संपत्तियों पर बैंक आसानी से कर्ज दे सकेंगे. अभी स्‍वामित्‍व योजना को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और उत्तराखंड में ट्रायल के तौर पर शुरू किया जा रहा है. इसके बाद इसे देश के हर गांव में लागू किया जाएगा.