जानिए भारत में पंचायत, गांव स्तर पर कितनी है महिलाओं की भागीदारी

जानिए भारत में गांव, पंचायत स्तर पर कितनी है महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी - Panchayat Times
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नई दिल्ली. पंचायत, “स्थानीय सरकार”, एक राज्य का विषय (State Subject) है और भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची का हिस्सा है. संविधान के अनुच्छेद 243D का खंड (3) पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करता है, जो प्रत्यक्ष निर्वाचन और पंचायतों के अध्यक्षों के कार्यालयों की संख्या से भरी जाने वाली कुल सीटों में से महिलाओं के लिए एक तिहाई से कम आरक्षण नहीं है.

20 राज्यों में महिलाओं को 50% आरक्षण

पिछले दिनों केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी की मंत्रालय के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 20 राज्यों आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल ने अपने संबंधित राज्य पंचायती राज अधिनियमों में पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

इसके अलावा, संविधान के अनुच्छेद 243 डी के खंड (4) के संदर्भ में, गांव या किसी अन्य स्तर पर पंचायतों में अध्यक्षों के कार्यालय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे जैसे विधानमंडल में राज्य द्वारा, कानून द्वारा, प्रदान कर सकते हैं, बशर्ते कि किसी भी राज्य में प्रत्येक स्तर पर पंचायतों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित चेयरपर्सन के कार्यालयों की संख्या वहन करेगी.

जैसा कि हो सकता है, उसी अनुपात में राज्य में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या या राज्य की अनुसूचित जनजातियों की आबादी के रूप में प्रत्येक स्तर पर पंचायतों में ऐसे कार्यालयों की कुल संख्या, राज्य की कुल जनसंख्या को सहन करती है, जो आगे कुल एक तिहाई से कम नहीं है. प्रत्येक स्तर पर पंचायतों में अध्यक्षों के कार्यालयों की संख्या महिलाओं के लिए आरक्षित होगी.

हालांकि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का विशिष्ट विवरण, जैसे ‘देश में सरपंच का पद धारण करने वाली महिलाओं की कुल संख्या’, ‘सरपंच पदों की कुल संख्या, जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से सदस्य हैं. ‘ग्राम पंचायतों में गैर-आरक्षित सीटों पर अनुसूचित जाति के सदस्यों की कुल संख्या’, ‘ग्राम पंचायतों की संख्या जहां एक तिहाई से अधिक पंचायत परिषद की नेता महिलाएं हैं’ आदि का रख-रखाव केंद्र सरकार द्वारा नहीं किया जाता है.

देश में पंचायती राज संस्थानों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (EWR) की संख्या, राज्य / केंद्र शासित प्रदेश

राज्य / संघ राज्य क्षेत्रोंकुल पंचायती राज प्रतिनिधियोंमहिला प्रतिनिधियों की संख्या
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह858306
आंध्र प्रदेश156,05078,025
अरुणाचल प्रदेश93833,658
असम26,75414,609
बिहार136,57371,046
छत्तीसगढ़170,46593,392
दादर एवं नगर हवेली14747
दमन एवं दीव19292
गोवा1555571
गुजरात144,08071,988
हरियाणा70,03529,499
हिमाचल प्रदेश28,72314,398
जम्मू और कश्मीर39,85013,224
झारखंड59,63830,757
कर्नाटक101,95451,030
केरल183729630
लद्दाखNANA
लक्षद्वीप11041
मध्य प्रदेश392,981196,490
महाराष्ट्र240,635128,677
मणिपुर1736880
ओडिशा107,48756,627
पुडुचेरीNANA
पंजाब100,31241,922
राजस्थान126,27164,802
सिक्किम1153580
तमिलनाडु106,45056,407
तेलंगाना103,46852,096
त्रिपुरा66463006
उत्तर प्रदेश913,417304,538
उत्तराखंड62,79635,177
पश्चिम बंगाल59,22930,458
कुल3,187,3201,453,973