कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे गये, बॉर्डर सील, जानिए क्यों प्रदर्शन कर रहे है किसान

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नई दिल्ली. देश के किसान आज कई जगह पर धरना प्रदर्शन कर रहे है. जबकि पंजाब हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान राजधानी दिल्ली में धरना देने को लेकर अपने ट्रेक्टरों के साथ दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं. किसानों को रोकने के लिए दिल्ली के चारों ओर से बार्डर सील कर दिये गये है. जिसको लेकर काफी हंगामा हो रहा है.

वहीं पंजाब-हरियाणा बार्डर पर तो पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पहले पानी कि बौछारों से तीतर-बीतर करने कि कोशिश कि, लेकिन अब किसानों के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए कटीले तारों कि फैंसिग तक कर दी है.

किसानों के इस आंदोलन कि सबसे बड़ी मांग है कि उनको न्यूनतम समर्थन मूल्य कि गांरटी दी जाये.

आखिर क्यों दिल्ली मार्च कर रहे है किसान

दरअसल 20 सितंबर 2020 को केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने खेती-किसानी से जुड़े हुए तीन विधायकों को संसद से पास कर दिया. जबकि किसान संगठन इन बिलों को मंजूरी के लिए पेश न करने की अपील कर रहे थे.

इन बिलों के आने के बाद किसानों को डर है कि, केन्द्र सरकार द्वारा पास किये गये विधेयकों का असर मौजूदा फसल खरीद नीति पर पड़ेगा. किसानों ने आशंका जताई है कि इन अध्यादेशों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को खत्म करने का रास्ता साफ होगा और वे बड़े कॉरपोरेट घरानों पर निर्भर हो जाएंगे.

तीन विधेयक जिनको लेकर हो रहा है विरोध

  1. किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020
  2. किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020
  3. आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020

किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020

इस अध्यादेश के अनुसार, अब व्यापारी मंडी से बाहर भी किसानों की फसल खरीद सकेंगे. पहले किसानों की फसल को सिर्फ मंडी से ही खरीदा जा सकता था.

वहीं केंद्र ने अब दाल, आलू, प्याज, अनाज, इडेबल ऑयल आदि को आवश्यक वस्तु के नियम से बाहर कर इसकी स्टॉक सीमा खत्म कर दी है.

इन दोनों के अलावा केंद्र सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग को बढ़ावा देने की भी नीति पर काम शुरू किया है, जिससे किसान नाराज हैं.

दिल्ली सरकार से 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में तब्दील करने की मांग ठुकराई

दिल्ली कूच कर रहे किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में तब्दील करने की अनुमति मांगी थी. जिसको दिल्ली सरकार ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे है, ऐसे में हम उनको जेल में नही डाल सकते.

इससे पहले भी कुरूक्षेत्र में किसानों पर हुआ था लाठीचार्ज

किसानों व किसान संगठनों का कहना है कि ये कानून बड़े कारोबारियों को फायदा पहुंचाने वाले हैं. इसी मसले पर विरोध जताने के लिए 10 सितंबर को कुरूक्षेत्र को पीपली में महारैली को आयोजन किया गया था. इस दौरान किसानों पर हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज किया था.