जानिए क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना और इसके लाभ

जानिए क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना और इसके लाभ - Panchayat Times

नई दिल्ली. वर्ष 1998 में शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड योजना आज किसानों के मध्य काफी आकर्षक और एक अच्छी योजना है. किसानों की ऋण आवश्‍यकताओं (कृषि संबंधी खर्चों) की पूर्ति के लिये पर्याप्‍त एवं समय पर ऋण की सुविधा प्रदान करने के साथ ही आकस्‍मिक खर्चों के अलावा सहायक कार्यकलापों से संबंधित खर्चों की पूर्ति करना है. यह ऋण सुविधा एक सरल कार्यविधि के माध्‍यम से आवश्‍यकताओं के आधार पर प्रदान की जाती है.

किसान क्रेडिट कार्ड में फसल कटाई के बाद के खर्चों, विपणन के लिए ऋण, किसान परिवारों की उपभोग संबंधी आवश्यकताओं, कृषि परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिये कार्यशील पूंजी और कृषि से संबद्ध गतिविधियों, कृषि क्षेत्र में निवेश ऋण की आवश्यकता को शामिल किया गया है.

कौन करता है जारी  

किसान क्रेडिट कार्ड योजना को वाणिज्यिक बैंकों, छोटे बैंकों (Small Finance Banks) और सहकारी संस्थाओं द्वारा कार्यान्वित किया जाता है.

हाल ही में बैंकों ने किसान क्रेडिट कार्ड सेचुरेशन कैंपेन (Saturation campaign) (अर्थात जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है वो अपना कार्ड बनवा सके) शुरू किया है, इसका उद्देश्य ऐसे किसानों जिन्हें अभी तक ऋण प्रदान नहीं किया जा सका है, को उनकी ऋण की आवश्‍यकताओं (कृषि संबंधी खर्चों) की पूर्ति के लिये पर्याप्‍त एवं समय पर ऋण की सुविधा प्रदान करना है.

प्रमुख बिंदु

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers’ Welfare) के अनुसार, वर्तमान में 14.5 करोड़ परिचालन भूमि जोत (बुवाई क्षेत्र) के मुकाबले केवल 6.92 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड हैं. किसान क्रेडिट कार्ड के तहत उधारकर्त्ता को एक ATM सह-डेबिट कार्ड जारी किया जाता है. ताकि वे एटीएम (ATMs) एवं पॉइंट ऑफ सेल (POS) टर्मिनलों के माध्यम से आसानी से लेनदेन कर सकें.

इसी साल सरकार ने इसकी सुविधा पशुपालन और मछलीपालन के लिए भी उपलब्ध करवा दी है. अंतर यह है कि इन दोनों श्रेणियों में अधिकतम दो लाख रुपये तक का ही लोन लिया जा सकता है. जबकि खेती-किसानी के लिए तीन लाख रुपये तक मिल जाता है.

जरूरी कागजात 

कृषि मंत्रालय के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड के लिए सिर्फ तीन कागज ही लिए जाएंगे. पहला यह कि जो व्यक्ति आवेदन दे रहा है वह किसान है या नहीं. इसके लिए बैंक उसके खेती के कागजात देखेंगे और उसकी कॉपी लेंगे. दूसरा निवास प्रमाण पत्र और तीसरा आवेदक का शपथ पत्र कि उसका किसी और बैंक में लोन तो बकाया नहीं है.

3 लाख तक के किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज में छूट 

किसान क्रेडिट कार्ड एक विविध खाते का स्‍वरूप है. इस खाते में कोई जमा शेष रहने की स्‍थिति में उस राशि पर बचत खाते के समान ब्‍याज मिलता है. इसका लक्ष्य किसानों को 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज दर पर 3 लाख रुपए तक का अल्पकालिक फसली ऋण प्रदान करना है.

ऋणदाता (उधार देने वाले) संस्थान जैसे- सरकारी और निजी क्षेत्र के वाणिज्यिक बैंक सरकार कि ओर से प्रस्तावित 2 प्रतिशत का ब्‍याज सबवेंशन (छूट) प्रदान करते हैं. यह नीति वर्ष 2006-07 से लागू हुई. ब्‍याज छूट योजना (Interest Subvention Scheme) का क्रियान्वयन नाबार्ड और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा किया जा रहा है.

किसान क्रेडिट कार्ड में 3 लाख रुपए तक की राशि पर प्रसंस्‍करण शुल्‍क (बनाने में आने वाले खर्चे) नहीं लगाया जाता है. सेचुरेशन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ, बैंक आधार कार्ड को बैंक खातों से तत्काल लिंक करने के लिये भी कदम उठा रहे हैं क्योंकि किसान क्रेडिट कार्ड खातों के साथ आधार संख्या के लिंक न होने पर कोई ब्याज सबवेंशन (ब्याज कि छुट) नहीं दिया जाएगा.

कोई प्रक्रिया शुल्क नहीं

इसके अलावा सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड के सेचुरेशन के लिये कई पहलें की हैं. जिसमें पशुपालन और मत्स्यपालन के कार्य में लगे किसानों को जोड़ना, किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण का कोई प्रक्रिया शुल्क नहीं देना और बिना ज्यादा झंझट मुक्त (Collateral Free) के लोन मुहैया कराना है. कृषि ऋण की सीमा को भी अब 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.6 लाख रुपए कर दिया गया है.