प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जो बदल रही है ग्रामीण भारत की तस्वीर

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जो बदल रही है ग्रामीण भारत की तस्वीर - Panchayat Times

नई दिल्ली. साल 2000 के दिसंबर महीने में लॉन्च की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना एक केंद्र व राज्य प्रायोजित योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रो में आमचूल परिवर्तन देखा जा रहा है. इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों को दी गई है.

क्यों चर्चा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना

हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तीसरे चरण कि शुरुआत कि गयी है जिसके तहत देश भर में सड़कों का नेटवर्क स्थापित कर रिहायशी क्षेत्रों को ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों और अस्‍पतालों को ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख संपर्क सड़कों से जोड़ा जाना है.

इसके अंतर्गत 1,25,000 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाने की योजना है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 80,250 करोड रुपए है. इससे ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों तथा अस्‍पतालों से आवाजाही तीव्र एवं सुविधाजनक हो जाएगी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़कों का रख-रखाव ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों कि ओर से किया जाएगा.

वित्तीय हिस्सेदारी

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तीसरे चरण की अनुमानित लागत 80,250 करोड़ रुपए है. इसमें से केंद्र का हिस्‍सा 53,800 करोड़ रुपए जबकी राज्‍यों का हिस्‍सा 26,450 करोड़ रुपए है. केंद्र एवं राज्‍यों के बीच निधियों की हिस्‍सेदारी 60:40 के अनुपात में होगी, लेकिन 8 पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों और दो हिमालयी राज्‍यों (हिमाचल प्रदेश तथा उत्‍तराखंड) तथा केन्द्र-शासित जम्‍मू और कश्‍मीर तथा लद्दाख में ये हिस्‍सेदारी 90:10 के अनुपात में होगी.

योजना का क्रियान्‍वयन

ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों कि ओर से क्रियान्वित की जाने वाली इस योजना का हॉल हि में तीसरे चरण कि शुरुआत कि गई है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III की अवधि 2019-20 से 2024-25 तक निर्धारित की गई है. इस योजना में सड़कों का चयन आबादी, बाजार, शैक्षणिक तथा चिकित्‍सा सुविधाओं आदि के मानकों के आधार पर सड़क विशेष द्वारा प्राप्‍त किये गए अंकों में से कुल अंकों के आधार पर किया जाएगा.

मैदानी क्षेत्रों (जैसे हरियाणा, पंजाब) में 150 मीटर तक लंबे पुलों का निर्माण और हिमालयी तथा पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों में 200 मीटर तक लंबे पुलों के निर्माण का कार्य इस योजना में प्रस्तावित है. वर्तमान प्रावधान में मैदानी क्षेत्रों में 75 मीटर तथा हिमालयी एवं पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में 100 मीटर है.

राज्‍यों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तिसरे चरण कि शुरुवात किये जाने से पहले समझौता ज्ञापन करने को कहा जाएगा, ताकि योजना के अंतर्गत पाँच वर्ष की निर्माण रखरखाव अवधि के बाद सड़कों के रखरखाव के लिये पर्याप्‍त धन उपलब्‍ध कराया जा सके.

क्या है इतिहास

दिसंबर 2000 में लॉन्च की गई इस योजना का उद्देश्‍य निर्धारित आकार (2001 की जनगणना के अनुसार, 500 से ज्यादा मैदानी क्षेत्र तथा 250 से ज्यादा पूर्वोत्‍तर, पर्वतीय, जनजातीय और रेगिस्‍तानी क्षेत्र) में सभी मौसमों के अनुकूल सड़को को मुख्य सड़क से जोड़ना था, ताकि क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास हो सके.

सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2016 में चरमपंथ (माओवाद) प्रभावित क्षेत्रों के लिये एक अलग परियोजना लॉन्च की गई, ताकि सुरक्षा और संचार व्‍यवस्‍था की दृष्टि से गंभीर 44 जिलों में आवश्‍यक पुलियों तथा आड़े-तिरछे प्रतिकूल जल निकासी ढाँचे के साथ सभी मौसमों के अनुकूल रोड कनेक्टिविटी प्रदान की जा सके. इस योजना के अंतर्गत अब तक 5,066 किलोमीटर लंबी सड़को को मंजूरी दी गई

हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र तोमर ने बताया कि 16 दिसंबर 2019 तक देश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 153491 सड़कों का काम पूरा हो जाने और इनके जरिए 97.27 प्रतिशत ग्रामीण बसावट के जुड़ जाने कि घोषणा करते हुए कहा कि इन सड़कों में से 36063 किलोमीटर सड़कों के निर्माण में हरित प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल किया गया है.

ग्रामीण सड़कों का रखरखाव

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहेंयह सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ठेकेदार को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना होता है 1. पांच साल तक किसी टूट-फूट (डिफेक्ट) की स्थिति में सड़क की मरम्मतऔर काम खत्म होने के बाद नियमित मेनटेनेंसजिसका भुगतान किया जाएगा.

खराब सड़क कि आप कर सकते है शिकायत

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आप अपने गांव की सड़क भी सही करा सकते हैं. जिसके लिए सरकार ने ‘मेरी सड़क’ के नाम से एक ऐप जारी किया है. अगर आपके गांव की सड़क अभी तक नहीं बनाई गई है या फिर किसी कारण खराब हो गई है तो आप इस एप्प के जरिए सीधे प्रधानमंत्री से शिकायत कर सकते हैं. मगर ध्यान रहे कि वही खराब सड़कें सही होंगी जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई हैं.