जानिए क्या है चक्रवाती तूफान निसर्ग, जिसके कारण मुंबई में हाई टाइड की चेतावनी जारी

जानिए क्या है चक्रवाती तूफान निसर्ग, जिसके कारण मुंबई में हाई टाइड की चेतावनी जारी - Panchayat Times
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नई दिल्ली. चक्रवाती तूफान निसर्ग ने रफ्तार पकड़ ली है. आज दोपहर में यह महाराष्ट्र के पालघर और मुंबई के समुद्र तट से टकरा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान के हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है.

समुद्र तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटाल भी हो सकती है. मौसम विभाग ने इसको देखते हुऐ मुंबई में हाई टाइड (लहरो का ज्यादा तेजी से तट से टकराना) के आने की संभावना जताई है. विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आज रात 9:48 बजे मुंबई में हाई टाइड की चेतावनी दी गई है. वहीं, तूफान से पहले गुजरात और महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश शुरू हो गई है.

6 फीट ऊंची उठ सकती हैं लहरें

मुंबई के लिए आज का दिन बेहद भारी है. दोपहर के आसपास तूफान निसर्ग यहां 120 किलोमीटर की रफ्तार से दस्तक देने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक निसर्ग दोपहर तक अलीबाग के तट से टकराने की उम्मीद है. समंदर में तूफान के समय 6 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं. हालांकि मुंबई निसर्ग की मुसीबत से निपटने के लिए तैयार है. यहां के 80 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

चक्रवातों का तीव्रता के आधार पर वर्गीकरण:

विक्षोभ का प्रकार वायु की गति (किमी/घंटा में)
न्यून दाब (Low Pressure)31 से कम 
अवदाब (Depression)31-49
गहन अवदाब (Deep Depression)49-61
चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm)61-88
गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm)88-117
सुपर साइक्लोन (Super Cyclone)221 से अधिक 
Types of cyclones divided by their intensity

दो हफ्ते में देश को दूसरे समुद्री तूफान का करना पड़ रहा है सामना

दो हफ्ते में देश को दूसरे समुद्री तूफान का सामना करना पड़ रहा है. पहले अम्फान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाई थी. पिछले कुछ सालों से हम चक्रवाती तूफान का अलग-अलग नाम सुनते आ रहे हैं. हुदहुद, तितली, उम्पुन, वायु, फनी प्रमुख रूप से तूफान के नाम सुनने को मिले हैं. अब एक और तूफान निसर्ग ने भारत के महाराष्ट्र और गुजरात में दस्तक दे दी है. मगर क्या आप जानते हैं कि तूफान का नाम कौन रखता है और कैसे रखा जाता है?

2000 में उष्णकटिबंधीय देशों जैसे बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यामांर, भारत, मालदीव, ओमान, पाकिस्तान, थाईलैंड और श्रीलंका ने फैसला किया कि उनके क्षेत्रों में उठने वाले तूफान का नाम खुद रखेंगे. इन देशों के सुझाव पर विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने तूफान के नामों की सूची तैयार की. फिर उसके बाद 2018 में पांच अन्य देशों ईरान, कतर, सऊदी अरब, यमन और संयुक्त अरब अमीरात को भी इसमें शामिल किया गया.

बांग्लादेश के सुझाव पर रखा गया तूफान का नाम

मई के महीने में उम्पुन तूफान ने बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र में जबरदस्त तबाही मचाई. उसके बाद निसर्ग चक्रवाती तूफान आ गया. निसर्ग का नाम बांग्लादेश ने सुझाया था. 2020 में जारी 169 नामों की लिस्ट से इसे चुना गया. भारतीय मौसम विभाग ने अप्रैल 2020 में 169 तूफान के नामों की लिस्ट जारी की. अब भारत में जब कभी तूफान आने का पूर्वानुमान लगाया जाएगा तब इसका नाम रखने में मदद मिलेगी. उत्तरी भारत, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उठने वाले तूफान के नाम रखने में सहूलियत हो जाएगी. IMD पर मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए भारत में तूफान का नाम रखने की जिम्मेदारी है.

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NDRF teams deployed near Sea beaches

निसर्ग का मतलब होता है प्रकृति

इसके अलावा IMD 12 अन्य देशों को भी एडवाइजरी जारी करता है. जिससे उन्हें तूफान और आंधी के बारे में तैयार रहने की सूचना मिल जाती है. माना जाता है कि विशेष नाम के साथ जारी चेतावनी से बड़े वर्ग तक संदेश पहुंचाने में मदद मिलती है.

इसके अलावा तूफान के नाम से वैज्ञानिकों, आपदा प्रबंधन और मीडिया के लिए भी आसानी होती है. खास वक्त में और खास जगह पर दो या दो से ज्यादा उठनेवाले तूफान को लेकर भ्रम भी दूर होता है. तूफान का नाम लोगों के नाम पर नहीं रखे जाते हैं. चक्रवाती तूफान के नाम की लिस्ट तैयार करते वक्त सख्त सरकारी मानक प्रक्रिया का पालन किया जाता है.