गरीब कल्याण रोजगार अभियान, 125 दिन 50 हजार करोड़ बजट 6 राज्य 116 जिले

गरीब कल्याण रोजगार अभियान, 125 दिन 50 हजार करोड़ 6 राज्य 116 जिले - Panchayat Times

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शनिवार को बिहार के खगड़िया जिले के तेलिहार गांव से गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की. इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी से प्रभावित बड़ी संख्या में घर वापस लौटने वाले प्रवासी कामगारों को सशक्त बनाना और अपने क्षेत्रों/गांवों में रोजगार के अवसर मुहैया कराना है. इस अभियान में 6 भागीदार राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रतिनिधियों, विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों और अन्य ने भाग लिया.

गरीब कल्याण रोजगार अभियान, 125 दिन 50 हजार करोड़ 6 राज्य 116 जिले - Panchayat Times
PM Modi launching Garib Kalyan Rojgar Abhiyan

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों और प्रवासियों के कल्याण को लेकर केन्द्र तथा राज्य सरकारें दोनों ही चिंतित रही हैं. मोदी ने कहा कि पीएम गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत आत्म निर्भर भारत अभियान को 1.75 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के साथ शुरू किया गया है. उन्होंने इस दिन को रोजगार के माध्यम से गरीबों के कल्याण के लिए शुरू किए गए व्यापक अभियान के रूप ऐतिहासिक दिन करार दिया.

झारखंड के तीन जिले

फिलहाल इस योजना में देश के 116 जिले शामिल किए गए हैं जिनमें झारखंड के तीन – गिरिडीह, हजारीबाग और गोड्डा जिले शामिल हैं. लॉकडाउन के बाद झारखंड के 24 जिलों में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर गिरिडीह जिले में लौटे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान हमारे मजदूर भाइयों और बहिनों, हमारे गांवों में रह रहे युवाओं, बहिनों और बेटियों के लिए समर्पित है. उन्होंने कहा, इस अभियान के माध्यम से हमारा प्रयास है कि मजदूरों और कामगारों को उनके घर के निकट ही काम दिया जाए. इस दौरान पीएम ने घोषणा की कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 50,000 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी.

किस राज्य में कितने प्रवासी मजदूर लौटे

उत्तर प्रदेश : 35 लाख से ज्यादा

मध्यप्रदेश : 25 लाख से ज्यादा

बिहार : 15 लाख से ज्यादा

झारखंड :  2 लाख से ज्यादा

राजस्थान : 10 लाख से ज्यादा

ओडिशा : एक लाख से ज्यादा

क्या है इस योजना की मुख्य बातें-

छह राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों के अभियान का उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में काम करना है.

इस कार्यक्रम के तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 116 जिलों को कवर किया जाएगा. इन सभी जिले में लॉकडाउन के दौरान 25 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक वापस लौटे हैं.

50 हजार करोड़ रुपये के लागत वाले इस योजना के तहत रोजगार प्रदान करने और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 25 विभिन्न प्रकार के कार्यों का गहन और केंद्रित कार्यान्वयन शामिल होगा. 

इस योजना में गांवों में रोजगार के लिये अनेंको कार्यों के विकास के लिए 25 कार्य क्षेत्रों की पहचान की गई है. ये 25 कार्य या परियोजनाएं गरीबों के लिए ग्रामीण आवास, पौधारोपण, जल जीवन मिशन के माध्यम से पेयजल के प्रावधान, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, ग्रामीण मंडी, ग्रामीण सड़कें, मवेशी घर जैसे अन्य बुनियादी ढांचे, आंगनवाड़ी भवन आदि से संबंधित हैं.

गरीब कल्याण रोजगार अभियान, 125 दिन 50 हजार करोड़ 6 राज्य 116 जिले - Panchayat Times
PM during launching Garib kalyan Rojgar Abhiyan

प्रधानमंत्री ने कहा कि अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी. उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों की सहायता के लिए हर ग्रामीण घर को हाई स्पीड और सस्ता इंटरनेट बड़ी आवश्यकता है. प्रधानमंत्री ने कहा, यह पहली बार है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में ज्यादा इंटरनेट उपयोग हो रहा है. इसलिए, फाइबर केबल बिछाने और इंटरनेट उपलब्ध कराने को भी इस अभियान में शामिल किया गया है. ये कार्य अपने गांव और अपने परिवार के साथ रहते हुए किए जाएंगे.

125 दिन का यह अभियान मिशन के रूप में काम करेगा

125 दिन का यह अभियान मिशन के रूप में काम करेगा, इसमें 116 जिलों में 25 श्रेणी के कार्यों/ गतिविधियों के कार्यान्वयन पर ध्यान केन्द्रित होगा, इसमें 6 राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में लौटने वाले प्रवासी कामगारों पर ज्यादा जोर होगा. इस अभियान के दौरान कराए गए सार्वजनिक कार्यों के लिए 50,000 करोड़ रुपये के संसाधन निर्धारित होंगे.

यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खनन, पेयजल एवं स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, नवीन एवं नवीनीकृत ऊर्जा, सीमावर्ती सड़कें, दूरसंचार और कृषि का मिला-जुला प्रयास है. इसके माध्यम से 25 सार्वजनिक आधारभूत ढांचागत कार्य और आजीविका के अवसर बढ़ाने से संबंधित कार्यों का कार्यान्वयन किया जाएगा. इस पहल के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं :

     वापस लौटने वाले कामगारों और प्रभावित ग्रामीण कामगारों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना.

गांवों में सार्वजनिक आधारभूत ढांचे का विस्तार और सड़क, आवास, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन, विभिन्न आजीविका संपदाएं और सामुदायिक भवन आदि आजीविका के अवसर तैयार करना.

विविध प्रकार के कार्यों के समूह से सुनिश्चित होगा कि हर प्रवासी कामगार को आने वाले 125 दिन में उसके कौशल के आधार पर रोजगार के अवसर मिले. यह कार्यक्रम दीर्घावधि में आजीविका के विस्तार और विकास के लिए भी तैयार होगा.

ग्रामीण विकास मंत्रालय इस अभियान के लिए नोडल मंत्रालय है और अभियान को राज्य सरकारों के साथ सामंजस्य में लागू किया जाएगा. संयुक्त सचिव और इससे ऊपर की रैंक के केन्द्रीय नोडल अधिकारियों को चिह्नित जिलों में विभिन्न योजना के प्रभावी और समयबद्ध कार्यान्वयन की नियुक्त किया जाएगा.

राज्यों की सूची, जहां गरीब कल्याण रोजगार अभियान को आरंभ किया जाएगा

क्रसं.राज्य का नामजिलेआकांक्षी जिले
1बिहार3212
2उत्तर प्रदेश315
3मध्य प्रदेश244
4राजस्थान222
5ओडिशा41
6झारखंड33
कुल जिले11627

प्राथमिकता के आधार पर लक्षित 25 कार्यों और गतिविधियों की सूची निम्नलिखित तालिका में उल्लिखित है :

क्रसं.कार्य/ गतिविधिक्रसं.कार्य/ गतिविधि
1सामुदायिक स्वच्छता केन्द्र (सीएससी) का निर्माण14मवेशी घरों का निर्माण
2ग्राम पंचायत भवन का निर्माण15पोल्ट्री शेड्स का निर्माण
314वें एफसी (वित्त आयोग) कोष के तहत कार्य16बकरी शेड का निर्माण
4राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यों का निर्माण17वर्मी कम्पोस्ट ढांचों का निर्माण
5जल संरक्षण और फसल कटाई कार्य18रेलवे
6कुओं को निर्माण19आरयूआरबीएएन
7पौधारोपण कार्य20पीएम कुसुम
8बागवानी21भारत नेट
9आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण22कैम्पा पौधारोपण
10ग्रामीण आवासीय कार्यों का निर्माण23पीएम ऊर्जा गंगा परियोजना
11ग्रामीण संपर्क कार्य24आजीविका के लिए केवीके प्रशिक्षण
12ठोस और तरल कचरा प्रबंधन कार्य25जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) कार्य
13कृषि तालाबों का निर्माण  
List of working of works under GKRA