पंचायत टाइम्स का फेक-न्यूज के खिलाफ अभियान

जानिए, चुनाव को कैसे प्रभावित करता है फेक न्यूज
साभार इंटरनेट

रांची. पंचायत टाइम्स और आईजीपीपी ने पिछले दिनों ‘चुनाव, मीडिया और फेक न्यूज’ के विषय पर एक सर्वे किया है और चुनाव में फेक-न्यूज अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान में पंचायत टाइम्स झारखंड में फैले अपने रिपोर्टरों के माध्यम से जनता में फेक न्यूज के प्रति जागरूकता बढ़ायेगा. साथ ही चुनाव के दौरान फेक-न्यूज के प्रसार को रोकने में मदद करेगा.

इस अभियान के पहले चरण में झारखंड के शहरी, आदिवासी और ग्रामीण, सभी इलाके के लोग फेक-न्यूज के बारे में क्या जानते हैं और कैसे जानते हैं – इस विषय पर एक सर्वे किया जा रहा है. इस सर्वे की शुरुआत खूंटी जिले से की गई है.

जानिए, चुनाव को कैसे प्रभावित करता है फेक-न्यूज

खूंटी जिले के लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं हैं. खूंटी में सर्वे किये गए लोगों में प्रतिदिन फेसबुक चलाने वालों की संख्या लगभग 24 प्रतिशत के आसपास ही है, जबकि ट्विटर 2 प्रतिशत से भी कम लोग इस्तेमाल करते हैं पर व्हाट्सएप का उपयोग लगभग 29 प्रतिशत के आसपास करते हैं.

इन उपयोगकर्ताओं में से केवल 25 प्रतिशत लोग ही फेक-न्यूज या जाली खबरों के बारे में जानते हैं. जिन लोगों को फेक-न्यूज के बारे में पता है और जो लोग फेक-न्यूज के बारे में जानते हैं, उन में से 5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि फेक न्यूज व्हाट्सएप के माध्यम से मिलती है.

सर्वे किए गए कुल लोगों में से केवल 4 प्रतिशत लोगों को यह पता है कि यदि कोई फेक न्यूज उनको मिली है, तो उसकी पुष्टि कहाँ से पता कि जानी चाहिए, जबकि 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग यह भी मानते है कि फेक-न्यूज के जरिए चुनाव को प्रभावित किया जा सकता है.