ग्रामीण विकास कार्यक्रम: जानिए कितनी सफल हो रही है योजनाऐं

ग्रामीण विकास कार्यक्रम: जानिए कितनी सफल हो रही है योजनाऐं - Panchayat Times
For representation purpose only

नई दिल्ली/रांची. बीते फरवरी महीने में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में राज्यों के प्रदर्शन से संबंधित एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें कई योजनाओं की समीक्षा की गई है.

क्या है रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, समय पर मजदूरी के भुगतान, ग्रामीण स्तर पर शिकायत निवारण, कौशल-निर्माण और बेहतर बाजार कनेक्टिविटी आदि से देश में ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को केंद्र में होना चाहिये. इस रपट में वर्ष 2018-19 में मुख्यतः ग्रामीण विकास योजनाओं में विभिन्न राज्यों के प्रदर्शन का आकलन किया गया है :-

बड़ी योजनाएं जिनका इस रिपोर्ट में अध्ययन है-

  1. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)
  2. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
  3. दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल्य योजना
  4. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन
  5. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
  6. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

जानकारी के लिए बता दें कि इन सभी कार्यक्रमों को केंद्र सरकार कि ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के सतत् और समावेशी (Sustainable Development) विकास के लिये राज्य सरकारों के माध्यम से लागू किया जा रहा है.

योजनाओं का विश्लेषण

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (NREGA-नरेगा) के रूप में प्रस्तुत किया गया था. वर्ष 2010 में नरेगा (NREGA) का नाम बदलकर मनरेगा (MGNREGA) कर दिया गया. मनरेगा कार्यक्रम के तहत प्रत्येक परिवार के अकुशल श्रम (Unskilled Worker) करने के इच्छुक वयस्क सदस्यों के लिये 100 दिन का गारंटी युक्त रोजगार, दैनिक बेरोजगारी भत्ता और परिवहन भत्ता (यदि काम 5 किमी. से अधिक की दूरी पर मिलता है तो) देने का प्रावधान किया गया है.

ग्रामीण विकास कार्यक्रम: जानिए कितनी सफल हो रही है योजनाऐं - Panchayat Times

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014-15 से 2018-19 के बीच मनरेगा को ग्रामीण गरीबों के लिये एक सफल कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया गया है.

ग्रामीण विकास कार्यक्रम: जानिए कितनी सफल हो रही है योजनाऐं - Panchayat Times
Report Data

रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के प्रयासों के कारण ही मनरेगा के तहत वर्ष 2018-19 में 69,809 करोड़ रुपए का रिकार्ड खर्च किया गया, जोकि इस कार्यक्रम के शुरू होने के बाद सबसे अधिक है. हालांकि स्वतंत्र विश्लेषकों द्वारा किये गए अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2018-19 में मनरेगा देश के सूखाग्रस्त जिलों में किसी भी तरह की मदद करने में विफल रहा. ज्ञात हो कि सरकार ने वर्ष 2020-21 में मनरेगा के बजट को घटाकर 61500 करोड़ कर दिया है.

झारखंड की क्या है स्थिती

रिपोर्ट के अनुसार राज्य में मनरेगा के तहत 1 मार्च 2018 को 321450 कार्य लंबित थे. जिनमें से 98124 कार्य 30 जून 2019 को पुरे हो चूके थे. रपट में राज्य के 19 आकांक्षावान जिलों (Aspirational Districts) में कामों को लेकर राज्य के औसत 81.03% से काफी कम है. सिहंभूम जिले का औसत 69.64% है.

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) को केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2015 में लान्च किया गया था. इस योजना का उद्देश्य पूर्ण अनुदान के रूप में सहायता प्रदान करके घरों के निर्माण और मौजूदा गैर-लाभकारी कच्चे घरों के उन्नयन में गरीबी रेखा (BPL) से नीचे के ग्रामीण लोगों की मदद करना है.

ग्रामीण विकास कार्यक्रम: जानिए कितनी सफल हो रही है योजनाऐं - Panchayat Times

रिपोर्ट के अनुसार, PMAY-G के तहत लक्षित एक करोड़ घरों में से करीब 7.47 लाख घरों का निर्माण पूरा होना अभी शेष है. इसमें से अधिकतर घर बिहार (26 प्रतिशत), ओडिशा (15.2 प्रतिशत), तमिलनाडु (8.7 प्रतिशत) और मध्य प्रदेश (आठ प्रतिशत) में हैं. रपट के अंतर्गत राज्यों को समय-सीमा में सभी घरों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिये कहा गया है.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे लागू करने की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों को दी गई है. इसे वर्ष दिसंबर 2000 में लॉन्च किया गया था. इसका उद्देश्‍य निर्धारित आकार (2001 की जनगणना के अनुसार, 500+मैदानी क्षेत्र तथा 250+ पूर्वोत्‍तर, पर्वतीय, जनजातीय और रेगिस्‍तानी क्षेत्र) को सभी मौसमों के अनुकूल एकल सड़क (Single Road) कनेक्टिविटी प्रदान करना है ताकि क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास हो सके.

ग्रामीण विकास कार्यक्रम: जानिए कितनी सफल हो रही है योजनाऐं - Panchayat Times

रिपोर्ट अनुसार, PMGSY ने अपना 85 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. अब तक, 668,455 किमी. सड़क की लंबाई स्वीकृत की गई है, जिसमें से 581,417 किमी. पूरी हो चुकी थी.

दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY)

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) गरीब ग्रामीण युवाओं को नौकरियों में नियमित रूप से न्यूनतम मजदूरी के बराबर या उससे अधिक मासिक मजदूरी प्रदान करने का लक्ष्य रखता है. यह ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिये की गई पहलों में से एक है.

ग्रामीण विकास कार्यक्रम: जानिए कितनी सफल हो रही है योजनाऐं - Panchayat Times

रिपोर्ट के अनुसार, योजना के तहत 1.87 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित (Training) किया गया है अर्थात् केवल 59 प्रतिशत लक्ष्य ही प्राप्त किया जा सका है. रपट में राज्यों को ग्रामीण युवाओं के प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने तथा लाभकारी रोजगार तक पहुंच की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है