बिहार : जानिए विधानसभा चुनाव 2020 में जदयू के खराब प्रदर्शन के कारण

बिहार : जानिए विधानसभा चुनाव 2020 में जदयू के खराब प्रदर्शन के कारण
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जदयू पार्टी के प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर मंथन का दौर जारी है. एनडीए की सरकार बनने पर नीतीश कुमार 7वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री जरूर बने लेकिन नीतीश की पार्टी जदयू का प्रदर्शन निराशाजनक रहा.

एनडीए ने 125 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में सरकार बनाई. एनडीए के घटक दलों में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा बनकर उभरी, भाजपा को 74 सीटें मिली. वहीं जदयू 43 सीट के साथ एनडीए में दूसरे और चुनावी नतीजों में तीसरे नंबर की पार्टी बनी. 2015 के विधानसभा चुनाव मुकाबले जदयू को 28 सीटों का नुकसान हुआ.

जदयू के खराब प्रदर्शन के कारण

संगठन की कमजोरी : 2020 विधानसभा चुनाव में पार्टी के बीच संगठन का आभाव देखने को मिला. हालांकि पार्टी के बड़े नेता चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत होने की बार कर रहे थे लेकिन नतीजों में इसकी तस्वीर साफ हो गई.

चिराग पासवान : एनडीए से अलग हो कर चुनाव लड़ रहे चिराग पासवान की पार्टी लोजपा ने जदयू के करीब 36 सीटों पर वोट काटने का काम किया. नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोले हुए लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान का साफ तौर पर कहना था कि वह जदयू को नुकसान पहुंचाना चाहते थे. जिसमें चिराग सफल भी रहे.

तेजस्वी का आक्रमक प्रचार : महागाथबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रहे राजद अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव में आक्रमक रवैया अपनाया और उनके 10 लाख नौकरी वाले वादे का जवाब जदयू की ओर से नहीं दिया गया.

सवर्ण वोटरों का साथ ना मिलना : जाद्यू की अबतक की राजनीति में सवर्ण वोटरों को टारगेट बनाया जाता रहा है, लेकिन इस बार वह सवर्ण वोटर भाजपा की ओर शिफ्ट हो गए. इसके साथ ही गैर भाजपा प्रात्याशी वाले इलाकों में सवर्ण वोटरों ने लोजपा व कांग्रेस को वोट दिया.