झारखंड़ बजट: किसानों के लिए क्या है खास

झारखंड़ बजट: जानिए किसानों के लिए क्या है खास - Panchayat Times

रांची. निदा फाजली के शेर अपना गम कहीं और लेकर क्‍यों जाया जाए, बिखरी चीजों को समेट कर घर को बसाया जाए के साथ झारखंड़ के वित्‍त मंत्री रामेश्‍वर उरांव ने वित्‍तीय वर्ष 2020-21 के लिए 86 हजार 370 करोड़ रुपए का बजट पेश किया.

इसमें से 13 हजार 54 करोड़ पूंजीगत व्‍यय के लिए और 73,315.94 करोड़ के राजस्‍व व्‍यय का बजट पेश किया गया है. नए वित्तीय वर्ष में 8 प्रतिशत विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है.

अल्पकालीन (Short term) कृषि ऋण राहत योजना के लिए 2000 करोड़ के प्रबंध किए गए हैं. किसानों के लिए खजाना खोलते हुए धान उत्पादन एवं बाजार सुलभता नाम की नई योजना शुरू की गई है.

बजट में किसानों को कर्ज के बोझ से निकालने के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके लिए राज्य की हेमंत सरकार ने अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना की शुरुआत करने का फैसला किया है.

किसानों के लिए क्या है बजट में-

किसानों के लिए राज्य की हेमंत सरकार ने धान उत्पादन एवं बाजार सुलभता नामक एक नई योजना को शुरू करने का फैसला किया है. इसके लिए बजट में 200 करोड़ रुपए का बजट.

2020-21 के बजट में किसानों व महिला स्वयं सहायता समूहों आदि को कृषि यंत्र खरीदने के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. इस योजना में संचित जल का उपयोग सिंचाई में करने के लिए पंप सेट, एचडीपीई पाइप के साथ अन्य कृषि यंत्र उपलब्ध कराया जाएगा.

30 करोड़ की लागत से कृषि उत्पाद के बेहतर रखरखाव के लिए हर जिले में दो-दो कोल्ड स्टोरेज खोले जाएंगे.

प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना के स्वरूप बदलाव किया गया है.

किसानों के लिए झारखंड राज्य किसान राहत कोष बनाने का फैसला किया गया है. इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रस्ताव.

पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एंबुलेंस कि सुविधा के साथ उन्नत डायग्नोस्टिक एवं अन्य परीक्षण लैब की योजनाओं के साथ-साथ मोबाइल पशु चिकित्सा क्लीनिक शुरू करने का प्रस्ताव भी बजट में किया गया है.

महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिए 90 फीसदी सब्सिडी पर दुधारू गाय वितरण योजना को एपीएल परिवार से जोड़ा जाएगा.

2020-21 में 2.35 लाख मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य

मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए नई हैचरियों का निर्माण व मत्स्य पालक को ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव दिया गया है. वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2.35 लाख मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य.