जानिए अटल बिहारी वाजपेयी को मुखाग्नि देने वाली कौन हैं नमिता कौल भट्टाचार्य

जानिए अटल बिहारी वाजपेयी को मुखाग्नि देने वाली कौन हैं नमिता कौल

नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. राजकीय सम्मान के साथ स्मृति स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. अटल बिहारी वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य ने उनके मुखाग्नि दी. वाजेपयी जी शादीशुदा नहीं थे. लेकिन 70 के दशक में नमिता कौल को अपनी दत्तक पुत्री के रूप में स्वीकार किया था.

जब अटल का निधन हुआ तो आधिकारिक तौर पर तमाम लोग अटल की इस बेटी को ही संबोधित करके अपने शोक संदेश भेज रहे थे. नमिता उम्र के पांचवें दशक में हैं. वर्ष 1983 में जब नमिता की शादी हुई तो वो उनके दत्तक पिता अटल की रजामंदी के बाद ही.

असल में नमिता के माता और पिता राजकुमारी कौल और ब्रिज नारायण कौल हैं. लेकिन 70 के दशक में जब नमिता युवा थीं, तभी अटल ने उन्हें आधिकारिक तौर पर दत्तक पुत्री के रूप में अपनाने का फैसला किया. कौल परिवार एक तरह से अटल का अपना ही परिवार बन चुका था. राजकुमारी कौल ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में अटलजी के साथ ही पढ़ती थीं. बाद में उनकी शादी ब्रिज नारायण से हुई, जो दिल्ली के रामजस कॉलेज में प्रोफेसर थे. अटल दिल्ली आने के बाद फिर परिवार के संपर्क में आए. धीरे धीरे ये उनका अपना ही परिवार बन गया.

यह भी पढ़ें: पंचतत्व में विलीन हुए अटल बिहारी वाजपेयी, दत्तक पुत्री नमिता ने दी मुखाग्नि

राजकुमारी कौल को लोग अटल की संगिनी और पहले प्यार के तौर पर देखते रहे हैं. हालांकि जो भी राजकुमारी कौल से मिला, वो उनकी सादगी और स्नेहपूर्ण व्यवहार से अभिभूत रह गया. नमिता और रंजन की दोस्ती जो प्यार में बदली राजकुमारी कौल की दो बेटियां थीं. बड़ी नमिता और छोटी नम्रता. नम्रता डॉक्टर हैं और लंबे समय से अमेरिका में रह रही हैं. ब्रिज नारायण के निधन के बाद अटल ही कौल परिवार के संरक्षक और अभिभावक बन गए थे.

70 के दशक में नमिता ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कामर्स में एडमिशन लिया. यहीं से वो ग्रेजुएट हुईं. इसी कॉलेज में उनकी दोस्ती रंजन भट्टाचार्य से हुई, जो इकोनॉमिक्स आनर्स में थे. दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों की शादी 1983 में दिल्ली से ही अटल बिहारी वाजपेयी की रजामंदी के बाद ही हुई. नमिता ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ समय तक टीचिंग की लेकिन बाद में इसे छोड़ दिया. वो आमतौर पर लो प्रोफाइल रहती हैं. उनकी एक बेटी है, जिसका नाम निहारिका है. निहारिका के साथ अटल काफी समय गुजारते थे. वो दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं. अटल जी के अंत्योष्टि के समय निहारिका भी मौजूद थीं.

यह भी पढ़ें: “राजनीति के अजातशत्रु” अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे