नई दिल्ली. आज देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस दीपक मिश्रा ने शपथ ली. उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई. शपथ समारोह के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई अन्य नेता भी मौजूद थे. यह शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन के हॉल में आयोजित हुआ. दीपक मिश्रा का कार्यकाल साल 2018 में समाप्त होगा. उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की जगह ली हैं. मालूम हो कि बीते रविवार को खेहर सेवानिवृत्त हो गए थे.
दीपक मिश्रा उड़ीसा से ताल्लुक रखने वाले भारत के तीसरे (सीजेआई) मुख्य न्यायाधीश होंगे. इनसे पहले न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्रा और न्यायमूर्ति जीबी पटनायक भी इस पद के लिए अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
बता दें कि दीपक मिश्रा ने अब तक के अपने कैरियर में कई बड़े ऐतिहासिक फैसलें सुनाये हैं. जिनमें सिनेमाघरों में राष्ट्रगान को अनिवार्य करवाना, निर्भया कांड के दोषियों की सजा बरकरार रखना और मुंबई बम धमकों के दोषी पाये जाने वाले याकूब मेमन की फांसी के खिलाफ मध्य रात्रि में सुनवाई करना शामिल है.
अब तक इन पदों पर अपनी सेवा दे चुके हैं दीपक मिश्रा
दीपक मिश्रा दिल्ली उच्य न्यायालय और पटना के मुख्य न्यायधीश के तौर पर अपनी सेवा दे चुके हैं. इससे पहले उन्हें अपनी मातृभूमि उड़ीसा के उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया था. उसके बाद 3 मार्च 1997 को उनका तबादला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में किया गया. उसी साल उन्हें स्थायी नियुक्ति दी गयी.