हिमाचल में कांग्रेस चारो सीटें जीत जाए, बस यही सपना है नए अध्यक्ष का

कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए टिकट
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शिमला. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस को लगभग छह साल के बाद नया अध्यक्ष मिला है. कांग्रेस हाईकमान ने कुलदीप सिंह राठौर को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी है. सुखविंद्र सिंह सुक्खू को हटा कर राठौर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है. इस संबंध में कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत की तरफ से गुरुवार को अधिसूचना जारी की गई.

राठौर ने बताया कि वे इस नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता हिमाचल प्रदेश में लोकसभा की चारों सीटों को जीतना होगी. इसके लिए वे पूरी मेहनत करेंगे. राठौर ने हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष पर नियुक्ति के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी का आभार जताया है.

कुलदीप सिंह राठौर कांग्रेस में छात्र राजनीति से सक्रिय रहे हैं तथा वह पार्टी में प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. पेशे से वकील राठौर मूल रूप से जिला शिमला के कोटगढ़ क्षेत्र के मधावनी के रहने वाले हैं. उन्होने अपनी राजनीति की शुरुआत छात्र संगठन एनएसयूआई से की है. वे एनएसयूआई के हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष भी रहे हैं.

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राठौर ने कहा कि वह बड़े नेता नहीं हैं. वह एक आम कार्यकर्ता है तथा पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारी एक आम कार्यकर्ता को दी है. उन्होंने कहा कि वह संगठन को मजबूत करने के लिए प्रयास करेंगे तथा सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं तथा अच्छे और बुरे समय में वह पार्टी के साथ खड़े रहे हैं. आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी हाईकमान को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मांग के आगे आखिरकार झुकना पड़ा है.

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वीरभद्र सिंह लंबे समय से सुखविंद्र सिंह सुक्खू को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने की मांग कर रहे थे. वह अपनी इस मांग को जहां पार्टी हाईकमान से कई बार कर चुके हैं वहीं सार्वजनिक मंचों से भी उन्होंने सुक्खू को हटाने की बात प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से की थी. इस कारण कांग्रेस में गुटबाजी भी बहुत हावी थी. पार्टी हाईकमान के पास सुक्खू विरोधी गुट लगातार उन्हें हटाने के लिए दबाव बना रहा था. इसके बाद आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए तथा पार्टी में गुटबाजी को समाप्त करने के लिए आज पार्टी हाईकमान ने सुक्खू को हटा कर राठौर को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह लंबे समय से संगठनात्मक चुनाव की वकालत कर रहे हैं. उनका कहना है कि संगठन में होने वाले ताजपोशी चुनाव के माध्यम से हो. इसके लिए वह संगठन के सदस्यता अभियान को नए सिरे से चलाए जाने की बात भी कर चुके हैं.

राठौर को पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का करीबी भी माना जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भी राठौर के नाम पर अपनी सहमति जता चुके है. करीब तीन माह पूर्व राठौर पूर्व वीरभद्र सिंह से उनके आवास में जाकर मुलाकात कर चुके हैं. इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद थे. सुक्खू को गत वर्ष अक्तूबर माह में ही हटाए जाने की सूचना थी लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया था. सुक्खू जनवरी 2013 में पार्टी के अध्यक्ष बने थे.

लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने अध्यक्ष को बदलने का निर्णय किया है. दरअसल गत विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ही उन्हें हटाए जाने की बात होने लगी थी. प्रदेश कांग्रेस के नव नियुक्त अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के समक्ष पार्टी में गुटबाजी समाप्त करना बड़ी चुनौती होगी. संगठन में गुटबाजी बहुत ही हावी है. गुटबाजी भी एक बड़ा कारण रही जिसकी वजह से पार्टी को प्रदेश में गत विधानसभा में सत्ता से हाथ धोना पड़ा.