कुरुक्षेत्र को कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

कुरुक्षेत्र को कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
फाइल फोटो : साभार इंटरनेट

कुरुक्षेत्र. कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध को रोकने के लिए पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसीपीएनडीटी एक्ट) को सख्ती से लागू करने पर राष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कि ओर से जिला कुरुक्षेत्र को राष्ट्रीय अवॉर्ड से नवाजा गया है.

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने नई दिल्ली में उपायुक्त डाॅ. एसएस फुलिया को यह पुरस्कार प्रदान किया. इस पुरस्कार को हासिल करने वालों में उपायुक्त के अलावा पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह, सीएमओ डा. सुखबीर सिंह भी शामिल थे.

गुरुवार को नई दिल्ली स्थित प्रवासी भारतीय केन्द्र में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत कुरुक्षेत्र सहित देश के विभिन्न जिलों को बेहतर कार्य करने पर मंत्रालय की तरफ से सम्मानित किया. समारोह में केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी के अलावा केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. विरेन्द्र कुमार, हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव राकेश श्रीवास्तव भी मौजूद थे.

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध करनेवालों को सजा दिलवाने पर कुरुक्षेत्र जिले ने पूरे देश में अलग छाप छोड़ी है. उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया ने सम्मान के लिए सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी के साझा प्रयास से कुरुक्षेत्र जिले को उपलब्धि मिली है. भविष्य में भी पीसीपीएनडीटी एक्ट के साथ-साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को बेहतर ढंग से अमलीजामा पहनाने का काम किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की.

इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में जिला कुरुक्षेत्र में पूरी ईमानदारी से चलाया गया. जिले में कन्या भ्रूण जांच और हत्या करने वाले लोगों के खिलाफ मुहिम शुरू की गई जिसके सार्थक परिणाम आए. उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से लेकर अबतक पीएनडीटी एक्ट के तहत 18 और एमटीपी एक्ट के तहत भी 18 ही मुकदमे दर्ज करवाए जा चुके हैं. इन मुकदमों के तहत 116 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस जिले में वर्ष 2016 में लिंगानुपात 859 था और अब लिंगानुपात का आंकड़ा 924 पर पहुंच गया है.

उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, भ्रूण की जांच करवाने वाले लोगों को पकड़ने के लिए उतरप्रदेश व पंजाब में भी कई जगह छापेमारी कर गिरफ्तारी हुई. इस उपलब्धि के लिए पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह और उनकी टीम के साथ-साथ सीएमओ सुखबीर सिंह, डिप्टी सीएमओ आरके सहाय सहित पूरी टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों का अहम योगदान रहा है.