शिमला में भूस्खलन, मां और बेटी की मौत

शिमला में भूस्खलन, मां और बेटी की मौत-Panchayat Times
साभार इंटरनेट
शिमला. शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के सराहन इलाके में सोमवार मध्यरात्रि एक अस्थायी मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया. इस घटना में मकान में सो रहे मां और बेटी की मौके पर मौत हो गई और परिवार के तीन सदस्य जख्मी हुए. भूस्खलन के दौरान परिवार की दो युवतियों ने भाग कर जान बचाई.
यह घटना सराहन के दूरदराज गांव बाजवा में पेश आई. यह क्षेत्र झाकड़ी थाने के तहत आता है. पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पीड़ित परिवार यहां एक अस्थायी मकान में रह रहा था. रात एक बजे भारी वर्षा के बीच एक विशालकाय पेड़ उखड़ककर मकान पर जा गिरा. इसमें मकान पूरी तरह तबाह गया. घर के अंदर सो रही 38 वर्षीय जटून पत्नी मीरहामजा और जटून की बेटी 17 वर्षीय सैरबानो की मृत्यु हो गई. इस घटना में सैरबानो के पति बशीर और दो बच्चियां मीरा और शान्या घायल हुई हैं.
प्रशासन की तरफ से मृतकों के परिजनों को 10 हजार ओर घायलों को 9 हजार रुपए की फौरी राहत प्रदान की गई है. पुलिस को हादसे की सूचना 108 एंबुलेंस से मिली.घटनास्थल पर पहुंचने के लिए पुलिस के दलों को कई घंटे लग गए. स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया.
रामपुर के उपपुलिस अधीक्षक अभिमन्यू वर्मा ने बताया कि भूस्खलन के वक्त क्षतिग्रस्त मकान में परिवार के नौ सदस्य सो रहे थे. दो युवतियों को बचा लिया गया है, जबकि तीन घायल खनेरी अस्पताल में भर्ती हैं. दो मृतकों का सामुदायिक केंद्र सराहन में पोस्मार्टम करवाया जा रहा है. प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवार को 29 हजार रूपये की फौरी राहत प्रदान की गई है.
राज्य में मानसून की भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 23 लोग मारे जा चुके हैं. आगामी दिनों में मौसम के मिजाज से लोगों की दुश्वारियां बढ़ सकती हैं. राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने 16 व 17 अगस्त को राज्य के मैदानी और  मध्य पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन को जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है.