लोकसभा चुनाव 2014: 240 उम्मीदवारों में 31 ही बचा पाए अपनी जमानत

झारखंड में 14 लोकसभा सीटों पर 229 उम्मीदवार चुनाव...- Panchayat Times
प्रतीक चित्र

रांची.  लोकसभा चुनाव 2014 में झारखंड की 14 सीटों पर 240 उम्मीदवारों ने लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन इनमें सिर्फ 31 प्रत्याशियों की ही जमानत बची थी. शेष 209 की जमानत जब्त हो गयी थी. 2014 में राज्य की सभी 14
लोकसभा सीटों पर चार क्षेत्रीय और पांच राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशी चुनाम मैदान में थे. राष्ट्रीय पार्टियों में भाजपा (भारतीय जनता पार्टी), कांग्रेस, बसपा (बहुजन समाज पार्टी), भाकपा (भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी) और माकपा (मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी) तथा क्षेत्रीय पार्टियों में आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन), झाविमो (झारखंड विकास मोर्चा), झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) और राजद (राष्ट्रीय जनता दल) थी.

प्रत्याशी बदलने की चर्चा के कारण इस बार राज्य की सबसे चर्चित लोकसभा सीटों में से एक चतरा से पिछले चुनाव में 20 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था. भाजपा के सुनील कुमार सिंह ने जोरदार जीत करते हुए सभी प्रत्याशियों की जमानत
जब्त करा दी थी. कांग्रेस के धीरज कुमार साहू, झाविमो की नीलम देवी सहित आजसू और झामुमो जैसी पार्टियों के प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाये थे. इस बार अभी तक भाजपा ने इस सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है. झाविमो से चुनाव लड़कर जमानत जब्त कराने वाली नीलम देवी कुछ दिनों पहले भाजपा में शामिल हो चुकीं हैं और टिकट भी चाह रही हैं.

16 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया

गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के निशिकांत दूबे ने 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त करा दी थी. वहां से 16 उम्मीदवारों ने लोकसभा चुनाव में भाग्य आजमाया था, लेकिन निशिकांत ने यह सीट भाजपा की झोली में डाल दी थी. दूसरे स्थान पर
कांग्रेस पार्टी के फुरकान अंसारी रहे थे तथा झाविमो के प्रदीप यादव तीसरे स्थान पर रहे थे. यहां से आजसू, बसपा, सपा, सीपीआई, जदयू के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. महागठबंधन में यह सीट इस बार झाविमो के खाते में चली
गई.

डॉ. रवींद्र राय ने शानदार जीत हासिल की

राजद की प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी को भाजपा में शामिल कराने के कारण झारखंड की सर्वाधिक विवादित कोडरमा सीट से भाजपा से डॉ. रवींद्र राय ने शानदार जीत हासिल की थी. दूसरे नंबर पर रहे भाकपा माले के राजकुमार यादव को
एक लाख मतों से हराया था. इस बार डॉ. राय का टिकट कर भले ही यादव जाति की अन्नपूर्णा को देने की चर्चा है, पर पिछले लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से सिर्फ राजकुमार यादव ही जमानत बचा पाये थे.
बाकि सभी पार्टियों आजसू, कांग्रेस, झाविमो के उम्मीदवारों का डॉ. रवींद्र राय ने जमानत जब्त करा दी थी.

रामटहल चौधरी निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे

रांची लोकसभा सीट से प्रत्याशी बदलने की चर्चा के बीच भाजपा सांसद रामटहल चौधरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने भी रामटहल के टिकट कटने के संकेत दिये हैं. पिछले चुनाव में
रामटहल चौधरी ने कांग्रेस के सुबोधकांत सहाय को हराया था. इस क्षेत्र से 28 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था. उनमें 26 की जमानत जब्त हो गयी थी. यहां से आजसू, झाविमो, बसपा, सीपीआई जैसी प्रमुख पार्टियां जमानत नहीं बचा पायी थीं.

गिरिडीह लोकसभा सीट से 2019 में भाजपा के रवींद्र कुमार पांडेय ने चुनाव लड़ा था और जीते भी थे. यहां से 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. उनमें से 15 की जमानत जब्त हो गयी थी. आजसू, बसपा, झाविमो के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. यह सीट इस बार गठबंधन के तहत पिछले लोकसभा चुनाव में जमानत जब्त होने वाली आजसू के खाते में गई है. यहां से झारखंड सरकार के मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी चुनाव लड़ेंगे.

9 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी

राजमहल लोकसभा क्षेत्र में 11 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया था. इनमें दो को छोड़कर 9 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. इस सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा उम्मीदवार विजय कुमार हांसदा ने चुनाव जीता था. भाजपा के
हेमलाल मुर्मू दूसरे स्थान पर रहे थे. इस सीट पर आजसू, बसपा, झाविमो और सीपीआई आदि दलों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी.

धनबाद से पिछले लोकसभा चुनाव में 31 उम्मीदवारों ने लोकसभा चुनाव लड़ा था. इनमें 29 की जमानत जब्त हो गयी थी. इस सीट पर भाजपा के पीएन सिंह विजयी हुए थे. पार्टी ने इस बार भी उन्हें ही प्रत्याशी बनाया है. पिछले चुनाव में
धनबाद से झाविमो और आजसू सहित सभी प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. इस सीट पर सबसे अधिक 17 निर्दलीय उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था और एक की भी जमानत नहीं बची.

पलामू लोकसभा से 13 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था. 11 की जमानत जब्त हो गई थी तथा भाजपा के वीडी (विष्णु दयाल) राम चुनाव जीते थे. झाविमो, बसपा के प्रत्याशी की भी जमानत जब्त हो गयी थी.

कांग्रेस दूसरे स्थान पर

हजारीबाग सीट से भाजपा के जयंत सिन्हा ने पिछला लोकसभा चुनाव जीता था. कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही थी. यहां से 20 ने चुनाव लड़ा था तथा 18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. आजसू, झाविमो जैसी पार्टियां भी जमानत नहीं बचा पायी थीं.

दुमका 14 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था. इनमें सिर्फ तीन प्रत्याशी अपनी जमानत बचा पाये थे तथा 11 की जमानत जब्त हो गयी थी. इस लोकसभा क्षेत्र से झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन जीते थे. भाजपा के सुनील सोरेन दूसरे नंबर पर तथा झाविमो
सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी तीसरे स्थान पर थे. बाबूलाल इस बार कोडरमा सीट से चुनाव लड़ेंगे.

खूंटी सीट पर पिछली बार 14 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था. दो को छोड़कर इनमें से 11 की जमानत जब्त हो गयी थी. भाजपा के कड़िया मुंडा यहां से सांसद चुने गये थे. इस बार भाजपा ने यहां से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा चुनाव टिकट
दिया है. आजसू पार्टी इस सीट पर भी जमानत बचाने में नाकाम थी.

3 ही जमानत बचा पाये थे

लोहरदगा सीट पर पिछली बार 9 उम्मीदवारों ने लोकसभा चुनाव लड़ा था. इनमें 3 ही जमानत बचा पाये थे. भाजपा के सुदर्शन भगत विजयी हुए थे. वहीं कांग्रेस और चमरा लिंडा को छोड़ कर झाविमो, बसपा और सीपीआई एम सहित छह
उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी.

जमशेदपुर लोकसभा से 2014 के चुनाव में झामुमो, बसपा सहित 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. यहां से 15 ने भाग्य आजमाया था. झाविमो के डॉ. अजय कुमार को भाजपा के विद्युत वरण महतो ने हराया था. दल बदल कर डॉ.अजय अब कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं. इस बार यह सीट गठबंधन के तहत झामुमो के खाते में है.

सिंहभूम से 12 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था. इनमें से 10 की जमानत जब्त हो गयी थी. भाजपा के लक्ष्मण गिलुवा ने मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा को हराया था. यहां से झामुमो की भी जमानत जब्त हो गयी थी. इस बार गीता कोड़ा
कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ने वाली हैं.