नई दिल्ली. एलपीजी की कमी, गैस आपूर्ति और Commercial Cylinder Crisis के बीच आम लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। Iran-Israel War के कारण मिडिल ईस्ट में बने तनाव के बाद रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई थी, खासकर commercial LPG cylinders की कमी ने होटल, रेस्तरां और स्ट्रीट फूड कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। लेकिन अब सरकार का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और LPG supply chain को स्थिर रखने के लिए कई स्तर पर बड़े कदम उठाए गए हैं।
घरेलू पीएनजी आपूर्ति भी 100 प्रतिशत सुचारू रूप से चल रही है
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma के मुताबिक, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG cylinder supply को प्राथमिकता दी गई है और घरेलू पीएनजी आपूर्ति भी 100 प्रतिशत सुचारू रूप से चल रही है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि LPG की स्थिति पूरी तरह सहज नहीं हुई है और कुछ इलाकों में वितरकों के पास अब भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इसके बावजूद सबसे बड़ी राहत यह है कि panic booking में अब स्पष्ट कमी आई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च को panic booking का आंकड़ा 87.7 लाख तक पहुंच गया था, लेकिन 18 मार्च तक यह घटकर करीब 56 से 57 लाख पर आ गया। गुरुवार को केवल 57 लाख refill requests दर्ज की गईं। यह संकेत है कि बाजार में घबराहट पहले की तुलना में कम हुई है और उपभोक्ताओं का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है। इसी के साथ online LPG booking का स्तर बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो supply management को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।
सरकार ने यह भी बताया है कि पिछले तीन दिनों में 5600 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने PNG connection लिया है। मंत्रालय ने उन लोगों से PNG पर शिफ्ट होने की अपील की है जो ऐसा करने की क्षमता रखते हैं। इससे LPG पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी और household gas supply को ज्यादा स्थिर बनाया जा सकेगा।
commercial LPG cylinders को लेकर अभी भी दबाव बना हुआ है
हालांकि commercial LPG cylinders को लेकर अभी भी दबाव बना हुआ है। सरकार ने साफ किया है कि इस श्रेणी में आपूर्ति पर कुछ प्रतिबंध अभी जारी हैं और जरूरत का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही उपलब्ध कराया जा पा रहा है। यही कारण है कि छोटे होटल, ढाबे, केटरिंग यूनिट्स और फूड बिजनेस से जुड़े लोग अभी भी कठिनाई झेल रहे हैं। सरकार फिलहाल परिवारों और घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की नीति पर काम कर रही है।
राहत की एक और बड़ी बात यह है कि पिछले दो हफ्तों में domestic gas production में 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही public sector oil marketing companies बुकिंग और डिलीवरी के बीच अंतर कम करने के लिए extra shifts में काम कर रही हैं। सरकार का कहना है कि किसी भी एजेंसी का स्टॉक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, यानी LPG stock position चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण से बाहर नहीं है।
सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने OTP-based delivery system को भी तेजी से लागू किया है, जो अब 83 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे फर्जी डिलीवरी, दुरुपयोग और अवैध डायवर्जन पर रोक लगाने में मदद मिल रही है। ऑनलाइन बुकिंग और OTP verification के बढ़ते इस्तेमाल को digital monitoring का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
1000 LPG सिलेंडर जब्त किए गए
Black marketing और hoarding पर लगाम लगाने के लिए राज्यों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार के मुताबिक हाल ही में एक दिन में लगभग 6000 raids की गईं। सिर्फ उत्तर प्रदेश में 1100 छापेमारी कर करीब 1000 LPG सिलेंडर जब्त किए गए और 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। सोशल मीडिया के जरिए भी कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें मिल रही हैं, जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
केंद्र सरकार ने 18 मार्च को सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही alternative fuel options जैसे kerosene के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने के लिए कहा गया है, ताकि जरूरतमंद क्षेत्रों में अस्थायी राहत दी जा सके। इस बीच सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है that crude oil situation सामान्य है और देश के किसी भी retail fuel pump पर dry out की रिपोर्ट नहीं है। CNG supply और domestic PNG network भी पूरी तरह स्थिर बताए गए हैं।
LPG Supply को लेकर सरकार के 10 बड़े कदम
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को आपूर्ति में प्राथमिकता
पैनिक बुकिंग पर निगरानी और नियंत्रण की मांग
ऑनलाइन बुकिंग 94% तक पहुंच गई है
ओटीपी डिलीवरी सिस्टम को 83% तक लागू करना
पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देना
पिछले दो वर्षों में घरेलू गैस उत्पादन में 40% से अधिक बढ़ोतरी हुई है
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा अतिरिक्त शिफ्ट में काम
कालाबाजारी और जमाखोरी पर देश भर में छापे
राज्य को सख्त प्रवर्तन के निर्देश
वैकल्पिक ईंधन समर्थन और आपूर्ति विविधीकरण पर जोर
