पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध से बाहर

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बीसीसीआई केंद्रीय अनुबंध से बाहर - Panchayat Times

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टिम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने को केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया है. बोर्ड द्वारा गुरुवार को जारी कि गई अनुबंध सूची से धोनी को बाहर रखा गया है. बता दें कि वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के सेमीफाइनल में हार के बाद से धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं. वह टेस्ट मैच से पहले ही संन्यास ले चुके हैं.

6 महीने से मैदान से दूर

बीसीसीआई के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि धोनी के लिए राष्ट्रीय टीम में अब खेलने का रास्ता अब मुश्किल हो गया है. धोनी को बोर्ड द्वारा जारी सूची के किसी भी कैटिगरी में जगह नहीं दी गई है. सूची में नाम नहीं होने के बाद माना जा रहा है कि बीसीसीआई ने धोनी को इशारा कर दिया है. बोर्ड ने अक्टूबर 2019 से सितंबर 2020 के लिए अनुबंध सूची जारी कि है.

कौन-कौन शामिल

कैप्टन विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह को ग्रेड A+ में रखा गया है. इन्हे 7 करोड़ रूपये सालाना फिस का रुप में मिलेंंगे.

रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, चेतेश्वर पुजारा, केएल राहुल, अंजिक्य रहाणे, शिखर धवन, पेसर इशांत शर्मा, कुलदीप यादव और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को ग्रेड A में रखा गया है. इन्हे 5 करोड़ रूपये सालाना फिस का रुप में मिलेंंगे.

बोर्ड ने ऋद्धिमान साहा, उमेश यादव, युजवेंद्र चहल, हार्दिक पांड्या, मयंक अग्रवाल को ग्रेड B में रखा है. इन्हे 3 करोड़ रूपये सालाना फिस का रुप में मिलेंंगे.

केदार जाधव, नवदीप सैनी, दीपक चाहर, मनीष पांडे, हनुमा विहारी, शार्दुल ठाकुर, श्रेयस अय्यर, वॉशिंगटन सुंदर को ग्रेड C में रखा गया है. इन्हे 1 करोड़ रूपये सालाना फिस का रुप में मिलेंंगे.

भारत को अपनी कप्तानी में 2011 वर्ल्ड कप दिला चुके धोनी ने करियर में 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 इंटरनैशनल मैच अब तक खेले हैं. वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और इस फॉर्मेट में उन्होंने कुल 4876 रन बनाए.

वहीं वनडे में उनके नाम 10773 और टी 20 इंटरनैशनल में 1617 रन दर्ज हैं. धोनी ने 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ इंटरनैशनल डेब्यू किया था.

न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी वनडे

उन्होंने अपना आखिरी वनडे न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के तौर पर खेला जिसमें 50 रन बनाए. हालांकि इस मैच में मिली हार के कारण भारत की वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीदें टूट गई थीं. तब से धोनी कोई मैच नहीं खेला हैं.