नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए कहा है कि जिस न्यायाधीश को किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना प्रस्तावित है, उसे पद रिक्त होने से लगभग दो महीने पहले ही वहां स्थानांतरित किया जा सकता है।
कॉलेजियम, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant कर रहे हैं, ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि संबंधित न्यायाधीश नए उच्च न्यायालय के कार्यों से भली-भांति परिचित हो सके और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होते ही कार्यभार संभाल सके।
मद्रास हाईकोर्ट के लिए नई नियुक्ति की सिफारिश
कॉलेजियम ने अपनी बैठक में केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश Sushrut Arvind Dharmadhikari को Madras High Court का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश भी की है। यह सिफारिश वहां के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के अगले महीने की 5 तारीख को सेवानिवृत्त होने के मद्देनज़र की गई है।
यह कदम न्यायिक प्रशासन में निरंतरता, सुचारु संक्रमण और बेहतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
