नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि देश में स्वास्थ्य उपचार पर लोगों का ‘आउट ऑफ पॉकेट’ खर्च पिछले 10 वर्षों में घटकर 62.6 प्रतिशत से 39.4 प्रतिशत रह गया है। वह किफायती स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक सवाल पर प्रश्नकाल के दौरान जवाब दे रहे थे। मंत्री ने कहा कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।
जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य क्षेत्र की अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में मुफ्त दवाएं और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
18 हजार जनऔषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत सरकार जेनेरिक दवाएं बाजार मूल्य से 60 से 80 प्रतिशत तक सस्ती दरों पर उपलब्ध करा रही है। देशभर में इस योजना के तहत करीब 18 हजार जनऔषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती के दौरान कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा AMRIT (अफोर्डेबल मेडिसिन्स एंड रिलाएबल इम्प्लांट्स फॉर ट्रीटमेंट) योजना के तहत ब्रांडेड दवाएं बाजार दर से कम से कम 50 प्रतिशत सस्ती उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, ताकि देश के हर नागरिक को बेहतर इलाज मिल सके।
