मेक इन इंडिया अभियान को रक्षा के क्षेत्र में जोरदार झटका लगा है. देश में बनाये जाने वाले आकाश मिसाइल जो जमीन से हवा में मार करने में सक्षम है वह अपने एक तिहाई परीक्षणों में असफल रही है.
कैग के द्वारा संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट में कहा गया कि मिसाइलों की कमी के कारण युद्ध के दौरान देश एक बुरी दौर से गुजर रहा है. इस रिपोर्ट के अनुसार परीक्षण के दौरान मिसाइल लक्ष्य से कम दूरी पर ही गिर गया और उसमें आवश्यकता से कम वेलोसिटी थी.
इस मामले को लेकर वायुसेना के अधिकारियों के कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है. गौरतलब है कि आकाश मिसाइल के निर्माण का कार्य सरकारी एजेंसी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को दिया गया था. जिसे बनाने में छत्तीस सौ करोड़ की लागत आई थी. वहीं कैग के रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन छः जगहों पर इन्हें इनस्टॉल किया जाना था वह भी नहीं हो सका है और इस कॉन्ट्रैक्ट को सात साल हो चुके हैं.