दून (सोलन). औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के निकटवर्ती गांव मलपुर में लोग तारकोल को रोज निगल रहे हैं. गांव में तारकोल मिक्चर प्लांट से निकलने वाले धुंए और राख से बचना उनके बस में नहीं है. इस प्लांट से लोगों का जीना दुभर हो गया है. आलम यह है कि लोगों को अब अपने खेतों में काम करने के लिए भी मुंह ढक कर जाना पड़ता है. वहीं शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होना, विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है, गांव के लोगों में बीमारी के फैलने का डर भी बना हुआ है, पर उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.

हानिकारक धुंआ इनके घरों तक पहुंचने लगा

क्षेत्र के लोगों को सांस की बिमारी और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. लोगों का कहना है कि वह जब भी अपने खेतों में काम करने जाते हैं तो वहां हमेशा ही फसल के ऊपर कालिख जमी होती है, जिससे उनकी फसल को भी काफी नुकसान हो रहा है. इसके साथ ही खेतों से लाए गए चारे को खाने से उनके पशु भी बीमार हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि उन्हें हमेशा खेतों में मुंह ढक कर जाना पडता है, जिससे फसल के ऊपर पड़ी यह कालिख उनके शरीर में न चली जाए. लोगों का कहना है कि कई बार तो मिक्चर प्लांट के लोग तारकोल के खाली पड़े ड्रमों को भी उनके खेतों के साथ में लगती जमीन में जला देते हैं, जिससे निकलने वाला हानिकारक धुंआ इनके घरों तक पहुंचने लगा है.

प्लांट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई

लोगों का कहना है कि पिछले लगभग 12 सालों से यहां पर यह मिक्चर प्लांट स्थापित है. उस समय से कई बार उनके द्वारा प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को इसके बारे में शिकायत दी गई लेकिन विभाग की ओर से इस प्लांट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. उपरोक्त लोगों का कहना है कि पिछली बार जब शिकायत की गई थी तो विभाग की ओर से अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे. उस समय गांव के लोगों को यह आश्वासन दिया गया था कि प्लांट की चिमनी की उचाई को बढ़ा दिया जाएगा, जिससे गांव के लोगों के घरों और खेतों तक यह धुंआ न पहुंच सके. लोगों का कहना है कि आज तक न तो इस प्लांट की चिमनी की ऊंचाई को बढ़ाया गया और न ही इसके खिलाफ विभाग की ओर से कोई कार्रवाई अमल में लाई गई.

कर सकते हैं प्रदूषण विभाग के कार्यालय का घेराव

लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस मिक्चर प्लांट को यहां से हटाया जाए नहीं तो लोगों को मजबूरन प्रर्दशन का रास्ता अपनाना पड़ेगा. लोगों का कहना है कि अगर इसके लिए उनको प्रदूषण विभाग कार्यालय का घेराव भी करना पड़ा तब भी लोग इससे पिछे नहीं हटेंगे.

क्या कहते है प्रदूषण विभाग के अधिकारी

इस बारे में प्रदूषण विभाग के अधिकारी बृज भूषण से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत पहले भी उनके पास आई थी. जिस पर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की थी और उसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी थी. उन्होंने कहा कि अगर फिर से वहां पर ग्रामीणों को इस तरह की समस्या आ रही है तो विभाग की ओर से जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय लोगों में प्रकाश चंद, नरेश कुमार, सुच्चा सिंह, रविंद्र कुमार, मदन लाल, राम करण, तारा चंद, भुरू राम, निर्मल सिंह, जितो देवी, चांद राम, हरिचंद, बुदु राम सहित अन्य लोगों ने अपना रोष प्रकट किया.