मंडी. रविवार को थाची, पंजाई, बालीचौकी दौरे के दौरान जनसभाओं को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्हें यह देखकर दुख होता है कि सड़कें न होने की वजह से लोग अपनी जरुरतों का सामान पीठ पर उठाकर ले जाते हैं. सड़कें पहाड़ों की जीवन रेखाएं है. यहां पर सड़कें ही आवागमन का एक मात्र साधन है. प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उनकी सरकार की प्राथमिकता भी सड़क निर्माण रहेगी.
पीठ पर बोझ ढोने से राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है
मगर उनकी सरकार लोगों को पीठ पर बोझ ढोने से राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच सालों में प्रदेश की सभी पंचायतों को सड़कों से जोड़ा जाएगा. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया जिन्होंने प्रदेश को 63 नेशनल हाईवे प्रदान किए. इससे जहां प्रदेश में सड़कों का जाल बिछेगा.
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संघर्ष की राह पर चले और उन्हें मुख्यमंत्री पद नसीब हुआ
वहीं पर पर्यटन और प्रदेश वासियों की आर्थिकी में भी सुधार आएगा. जयराम ठाकुर ने सराज वासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी वजह से वह संघर्ष की राह पर चले और उन्हें मुख्यमंत्री पद नसीब हुआ है. उन्होंने कहा कि उनका मोटो कर्म से स्वाभिमान तक तभी सफल हो पाया है.
मुख्यमंत्री ने लगाई घोषणाओं की झड़ी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने थाची-बालीचौकी दौरे के दौरान विभिन्न सड़कों, पेयजल योजनाओं के अलावा अन्य विकास कार्यों की घोषणाओं की झड़ी लगा दी. मुख्यमंत्री ने सड़ाकें के बेहतर रखरखाव के लिए तीन कनिष्ठ अभियंता सैक्शन थाची, बागाचनोगी और गाड़ागुशैणी में खोलने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शारटी में आगामी शिक्षा सत्र से विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू करने का ऐलान किया. वहीं पर डिग्री कालेज थाची के लिए नए बजट सत्र में बजट का प्रावधान करने और कक्षाएं शुरू करने की भी घोषणा की.
इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं और संगठनों ने मुख्यमंत्री राहत कोश केलिए धनराशि भेंट की. जिनमें देव चुंजवाला समिति की ओर से 51 हजार रूपए का चैक मुख्यमंत्री को भेंट किया गया.
उसी प्रकार फल उत्पादक संघ पंजाई की ओर से 51 हजार रूपए ,बबिता ठाकुर 21 हजार और देवधार स्कूल के स्टाफ की ओर से ग्यारह हजार रुपए का चैक मुख्यमंत्री राहत कोश के लिए दिया गया.