मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा में लगे आईपीएस को रेवाड़ी गैंगरेप की जांच में लगाया

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को रेवाड़ी गैंगरेप... - Panchayat Times

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को रेवाड़ी गैंगरेप मामले की जांच की प्रगति की समीक्षा करने के लिए पंजाब में अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर वापस चंडीगढ़ पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री ने सीधे पुलिस महानिदेशक बीएस संधू को तलब किया. मुख्यमंत्री ने डीजीपी से इस मामले में अभी तक हुई जांच की रिपोर्ट ली. मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द सभी दोषियों को जल्दी गिरफ्तार किया जाए. साथ ही मुख्यमंत्री ने रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण करते हुए उनके स्थान पर पुलिस अधीक्षक सुरक्षा राहुल शर्मा को रेवाड़ी की कमान सौंपी.

रेवाड़ी एसपी राजेश दुग्गल पर यह गाज पुलिस की तरफ से प्राथमिक तौर पर पूरे मामले को हल्के ढ़ग से लिए जाने के कारण गिरी मानी जा रही है. आईपीएस राजेश दुग्गल सरकार के काफी नजदीकी अफसर रहे हैं. उनकी पत्नी सुनीता दुग्गल भाजपा की नेत्री हैं और सरकार ने उनको चेयरमैनी भी दी हुई है. ऐसे में राजेश दुग्गल का तबादला यह बताता है कि मुख्यमंत्री पूरे मामले में को लेकर कितने गंभीर हैं. मुख्यमंत्री ने जहां दुग्गल का तबादला किया, वहीं अपनी सुरक्षा में तैनात आईपीएस राहुल शर्मा पर विश्वास जताया. राहुल शर्मा को हरियाणा के सबसे तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में गिना जाता है.

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इससे पूर्व, पठानकोट में चंडीगढ़ आते समय सुबह पत्रकारों से बातचीत में मनोहर लाल ने रेवाड़ी गैंगरेप की घटना की कठोर निंदा करते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. सभी तीनों आरोपितों की पहचान हो गई है और इन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में तीनों आरोपित पीड़ित के जानकार थे. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घिनौनी घटना में वे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह और दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन तीनों आरोपितों में से एक आरोपी सेना में कार्यरत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आरोपितों पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है और इन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.