सरेंडर पालिसी का लाभ उठाकर स्वेच्छा से आत्मसर्पण करें नक्सली : डीजीपी

पलामू. नक्सली सरकार की सरेंडर पालिसी का लाभ उठाकर स्वेच्छा से आत्मसर्पण कर दें नहीं तो नक्सलियों को समूल नष्ट करने का झारखंड पुलिस का संकल्प नक्सलियों के विनाश पर ही जाकर खत्म होगा. बुधवार को लातेहार में पुलिस अधिकारियों की पलामू प्रमंडलस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी डीके पांडेय ने उक्त बातें कही. इस दरम्यान डीजीपी ने एक सप्ताह पूर्व पांच नक्सलियों को मारने वाले पुलिस कर्मियों को नगद और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया.

डीजीपी ने कहा कि आत्मसमर्पण नहीं करने वाले माओवादी मारे जाते रहेंगे. उन्होंने पुलिस का अगला टारगेट इनामी भाकपा माओवादी सुधाकरण और उसकी पत्नी नीलिमा को बताया है. अपनी रणनीति जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस या तो इन्हें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करेगी या उन्हें खत्म कर देगी.

पाटन थाना के अतिनक्सल प्रभावित चेतमा में नए पुलिस पिकेट का उद्घाटन किया गया. बुधवार को डीजीपी ने यहां पर पूजा-पाठ किया. उन्होंने कहा कि चेतमा में सप्ताह में एक दिन बाजार लगेगा. जहां पर स्थानीय लोग अपने सामान बेच सकेंगे. मौके पर एडीजीपी अनुराग गुप्ता, पाटन-छतरपुर के विधायक राधाकृष्ण किशोर, पलामू के एसपी इंद्रजीत महथा, स्पेशल ब्रांच के हरिचौबे मौजूद रहे.