फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की चंडीगढ़ में बैठक

फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा चंडीगढ़ के ताज होटल में एक बैठक...

चंडीगढ़. यौन प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों के मुद्दे पर फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा चंडीगढ़ के ताज होटल में एक बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें लगभगल 100 लोग शामिल थे. विषय से संबंधित तमाम स्टेक होल्डर्स को इस बैठक में बुलाया गया था.

इस बैठक में न्यायपालिका के सदस्यों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, युवाओं, टीजी(TG) समुदाय के प्रतिनिधियों, वकीलों, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों, पंजाब और हरियाणा के सरकारी अधिकारियों के साथ यौन शोषण से बच्चों का संरक्षण कैसे किया जाए इसपर विचार-विमर्श किया गया. इसके साथ ही पोक्सो (POCSO) एक्ट, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) और बाल विवाह अधिनियम पर भी बात की गई.

युवाओं की देखभाल और सुरक्षा को और कैसे बेहतर किया जाए इसी को ध्यान में रखकर ये बैठक की गई थी. बैठक में युवा की राय, अपेक्षाओं, चुनौतियों और भेदभाव जैसे समस्या पर बातचीत की गयी. इस बैठक में बताया गया कि देश के अधिकतम युवाओं की पहुंच यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सूचना और सेवाओं तक नहीं हो पाई है. सेक्स एजुकेशन कुछ स्कूलों और कॉलेजों मे दी जा रही है पर ये काफी नहीं है. इसका दायरा बढ़ना चाहिये. युवाओं को यौन शिक्षा के बारे में पता होना जरूरी है. जिससे स्वस्थ और पूर्ण जीवन जीने में युवाओं को सक्षम बनाया जा सके.

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बैठक में जानकारी दी गई कि पोक्सो (POCSO) एक्ट एक अच्छी शुरुआत है, बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच है, लेकिन इसके साथ ही इस पर सुधार करने की जरूरत है. इस बड़ी बैठक का उद्देश्य मीडिया सहित इन कई हितधारकों के साथ एक आम सहमति बनाने के लिए था कि कानून के पीछे अच्छे इरादों और भारत में मौजूद जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर है. बताया गया कि एमटीपी(MTP) अधिनियम और बाल विवाह अधिनियम आपस में टकराव की स्थिति पैदा करते हैं.

स्पष्ट समझ, संवेदनशील प्रक्रियाएं और कार्यान्वयन, जन जागरूकता और सभी हितधारकों के बीच तालमेल हमारे देश के युवाओं को प्रोटेक्ट करने वाले कानूनों को और बेहतर बनाने और इसे समग्र बनाने के लिए एक शुरुआत है.