नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers Welfare) ने Department of Posts के साथ एक MoU (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के सैंपल की सुरक्षित, समयबद्ध और पूरी तरह traceable transportation system विकसित करना है।
राज्यसभा में लिखित जवाब में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि इस पहल से सैंपल के collection point से laboratory तक end-to-end digital tracking संभव होगी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली मजबूत बनेगी।
डिजिटल ट्रैकिंग से मजबूत होगा Quality Control
यह नई digital logistics framework कई प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाएगी, जिनमें शामिल हैं —
राज्य स्तर पर quality control targets तय करना
सैंपल का collection और dispatch
laboratory testing और report generation
जरूरत पड़ने पर legal action
सरकार के अनुसार, इससे transparency, accountability और efficiency बढ़ेगी और बाजार में नकली या घटिया कृषि इनपुट (spurious agri inputs) के प्रसार को रोका जा सकेगा।
किसानों के हितों की सुरक्षा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। यह MoU तेज और विश्वसनीय परीक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करेगा और crop productivity की रक्षा में मदद करेगा।
इस समझौते के तहत Department of Posts सैंपल की secure packaging, specialised handling, QR-code based address masking और digital tracking जैसी सेवाएं देगा।
Seeds Bill से गुणवत्ता नियमन मजबूत होगा
सरकार ने बताया कि प्रस्तावित Seeds Bill का उद्देश्य seed quality regulation को मजबूत करना है। इसमें किसानों, पारंपरिक किस्मों और farmers’ varieties के लिए छूट का प्रावधान रखा गया है।
इससे seed sovereignty, किसानों की आय सुरक्षा और quality assurance mechanism को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मसालों के निर्यात में बढ़ोतरी
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि हल्दी, इलायची और धनिया का निर्यात 2024-25 में 628.05 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 30.92% अधिक है।
भारत ने 2024-25 में मसालों और स्पाइस उत्पादों का निर्यात 180 देशों में किया और 99.8% से अधिक consignments अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वीकार किए गए।
