नई दिल्ली. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में दो दिवसीय PESA महोत्सव की शुरुआत की। यह आयोजन पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA Act) की वर्षगांठ के अवसर पर किया जा रहा है, जो कल संपन्न होगा। PESA अधिनियम का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना, अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करना और ग्राम सभाओं की भूमिका को स्थानीय स्वशासन में सुदृढ़ करना है। इस महोत्सव का आयोजन अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों की क्षमता निर्माण के लिए किया गया है।
सरकार की जनजातीय सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता
मीडिया को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्रालय की संयुक्त सचिव मुक्ता शेखर ने कहा कि यह महोत्सव समुदाय-आधारित शासन और जनजातीय सशक्तिकरण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि PESA महोत्सव जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय विकास में ग्राम सभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाने का एक सशक्त मंच है।
‘कृष्णा जिंका’ मैस्कॉट लॉन्च, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम
महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर PESA महोत्सव का मैस्कॉट ‘कृष्णा जिंका’ लॉन्च किया गया। इसके साथ ही PESA रन के लिए टी-शर्ट और कैप्स भी जारी की गईं।
इस आयोजन में देश के 10 राज्यों से लगभग 1,500 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान
कबड्डी
तीरंदाजी
पारंपरिक जनजातीय खेल
PESA रन
जैसे खेल आयोजनों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा जनजातीय समुदायों की भागीदारी से डेमोंस्ट्रेशन गेम्स भी आयोजित किए जा रहे हैं।
जनजातीय संस्कृति की झलक
महोत्सव के दौरान विभिन्न राज्यों की जनजातीय परंपराओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं। साथ ही आयोजन स्थल पर
जनजातीय खाद्य उत्पाद
हस्तशिल्प
पारंपरिक कलाकृतियों
की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
