मिट्टी के चूल्हे में आज भी खाना बनाती है विधायक अंबा प्रसाद

बड़कागांव (हजारीबाग). नारी रसोई घर से लेकर संसद तक कार्य करने की क्षमता रखती है .यह कहावत बड़कागांव की नवनिर्वाचित विधायक विधायक अंबा प्रसाद पर सटीक बैठती है. अंबा प्रसाद जब अपने घरों में रहती है तो स्वयं सबको खाना बना कर खिलाती है. इतना ही नहीं अगर कोई कार्यकर्ता या अतिथि इनके घर पहुंचते है, तो वह स्वयं अपने हाथों से खाना बनाकर उन्हें खिलाती है. इनके घर में आज भी मिट्टी के चूल्हे से खाना बनता हैं. लालटेन भी जलाया जाता है. सोने के लिए खटिया भी उपयोग में किया जाता है. विधायक अंबा प्रसाद हजारीबाग जिले के उग्रवाद प्रभावित केरेडारी प्रखंड के ग्राम पहरा की रहने वाली है. इनके पिता योगेंद्र साव झारखंड सरकार के कृषि मंत्री रह चुके हैं .जबकि मां निर्मला देवी भी बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र की विधायक रह चुकी है.

इसके बावजूद भी इनके घर में साधारण तरीके से रहन-सहन आज भी बना हुआ है. इनके परिवार के सदस्यों को विलासिता की जिंदगी नही पसंद है. इनके परिवार के सदस्यों का रहन-सहन साधारण है. अंबा प्रसाद जब अपना गांव पहरा पहुंचती है तो अपने दादा और दादी के कामों में पूरा हाथ बताते हैं. वहीं अंबा प्रसाद जब कोर्ट कचहरी में पहुंचती है तो एक बड़े वकील की तरह काम करते दिखती है और जब राजनीति में पहुंचती है तो एक आदर्श नेता की तरह लोगों के साथ व्यवहार करते नजर आती हैं और मन से काम करती नजर आती है शायद यही कारण है कि हर वर्ग के लोग इनके दीवाने हैं .यही सब कारण रहा होगा कि इन्हें विधानसभा के चुनाव में अत्यधिक मत मिला.

कार्यकर्ताओं को स्वयं पुआ बनाकर खिलाई

युवा विधायक अंबा प्रसाद आज भी साधारण नजर आती है .लोगों के सामने विधायक बनने के बाद उनके अंदर अहम की भावना नहीं दिखाई पड़ती है .बल्कि पहले से और परिपक्व दिखती है .जब उनसे कार्यकर्ता नए साल में उनके घर मिलने आए ,तो वह सब को अपने घर में बैठाई और स्वयं मिट्टी के चूल्हे एवं लकड़ी के ईंधन से कढ़ाई में पुआ, बर्रा ,पकौड़ी बनाई और सभी कार्यकर्ताओं को खिलाई. कार्यकर्ता गदगद नजर आए.

सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को दी नए साल की बधाई

विधायक अंबा प्रसाद चूल्हे की मिट्टी में पकवान बनाते हुए फोटो शेयर करते हुए क्षेत्र की जनता एवं झारखंड वासियों को नए साल की बधाई दी है. फेसबुक में उन्होंने लिखा है कि कि ” आप सभी मेरे दादा दादी,चाचा चाची,और मेरे छोटे बड़े भाई बहन एवं मेरे दोस्तों तथा साथियों तथा माता-पिता स्वरूप आप सभी लोगों को नए साल की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. ये साल आपके और आपके परिवार के लिए अपार खुशियां लेकर आए.”

और नए साल में आंखें भर आई…

विधायक अंबा प्रसाद अपने गमों को छुपाते हुए नए साल में अपने कार्यकर्ताओं एवं अपने परिजनों को खुशी व उमंग के साथ पकवान बनाकर खिलाई .वहीं जब अपने माता-पिता की कमी महसूस की उसके आंखों में आंसू छलक आए.अंबा के पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर 24 से अधिक केस दर्ज है. इस कारण 3 साव जेल में है. श्री साव विस्थापन को लेकर आंदोलन करते रहे इस कारण उन पर कई तरह के मामले दर्ज कर दिए गए थे. इनके पिता के बाद मां निर्मला देवी 2014 में चुनाव लड़ी और विधायक बनी इन्होंने भी विस्थापन और लोगों के हक और अधिकार दिलाने को लेकर आंदोलन की इनके ऊपर भी कई तरह के मामला दर्ज हुआ .वर्तमान में इन्हें राज्य बदर कर दिया गया है . इस वक्त विधायक अंबा प्रसाद के साथ माता-पिता नहीं है. इस कारण अपने माता- पिता को याद कर वह रो बैठती हैं. विधायक अंबा प्रसाद बताती हैं कि हमेशा उनके माता-पिता की कमी खलती है. उनका कहना है कि मेरे माता पिता का एक ही सपना है जनता को सेवा करना .और उनकी सपना को पूरी करने के लिए मैं जनता की सेवा में लगी हूं.