पौधरोपण योजना के तहत झारखंड में मनरेगा मजदूर लगाएंगे 40 हजार से अधिक पौधे

पौधरोपण योजना के तहत झारखंड में मनरेगा मजदूर लगाएंगे 40 हजार से अधिक पौधे-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

रांची. राज्य में मनरेगा के तहत पौधरोपण योजना के लिए 20 हजार एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गयी है. इसमें 40 हजार से अधिक मनरेगा मजदूरों को लगाया जाएगा. साथ ही ग्रामीण विकास विभाग ने जिलों को मनरेगा का काम मशीन से नहीं कराने का सख्त निर्देश दिया है. मशीन से काम होते पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

तीन में से दो योजनाओं पर काम शुरू

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार मई को तीन योजना नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना और वीर शहीद पोटो हो खेल योजना की शुरुआत की थी. इनमें से दो योजनाओं पर काम शुरू हो गया है. तीसरी योजना पर भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा. नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना पर काम पिछले दिनों शुरू हुआ.

योजना के तहत आगामी पांच साल के लिए जल संरक्षण के विभिन्न संरचनाओं का निर्माण, वार्षिक जल संरक्षण क्षमता में पांच लाख करोड़ लीटर की वृद्धि, मनरेगा के तहत 10 करोड़ मानव दिवस का सृजन और पांच लाख एकड़ बंजर भूमि का संवर्धन काम शुरू किया गया है.

इसी तरह बिरसा हरित ग्राम योजना पर बुधवार से काम शुरू हुआ है. योजना के तहत फलदार पौधे लगाये जाएंगे. इसके तहत मिलने वाले रोजगार में बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. योजना के जरिये सरकार सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत या गैर मजरुआ भूमि पर फलदार पौधा लगाएगी. इन पौधों की देखभाल की जिम्मेवारी ग्रामीणों की होगी.


गड्ढा खोदने और घेराबंदी का काम शुरू

पौधरोपण का काम काम कंवर्जन के जरिए होगा. योजना में सामग्री का खर्च संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा, जबकि मजदूरी के लिए मनरेगा की मदद ली जाएगी. इनका भुगतान मनरेगा के तहत किया जाएगा. पौधरोपण के लिए बुधवार से चिन्हित जमीन पर गड्ढा खोदने और घेराबंदी का काम शुरू हो गया है.

हर दिन बढ़ रहे मजदूर

मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूर हर दिन बढ़ रहे हैं. विभाग ने हर दिन कम से कम पांच लाख मजदूरों को काम देने का लक्ष्य रखा है. बुधवार को 4,32,440 मजदूरों ने 84,802 योजनाओं पर काम किया. जबकि मंगलवार को 4,16,817 मजदूरों को काम मिला था. इससे पहले सात मई को 2,63,219 मजदूर, 12 मई को 3,16,773 मजदूर और 15 मई को 3,59,792 मजदूरों ने काम किया था.

मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि मनरेगा के तहत मशीन से काम नहीं करवाने की सख्त हिदायत दी गई है. जिला के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कहीं मशीन से काम हो तो तत्काल मशीन जब्त करें और कानूनी कार्रावई करें. पौधरोपण के लिए 20 हजार एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है. पौधा लगाने के लिए 30 मई तक गड्ढे और घेरने का काम पूरा कर लिया जाएगा.