डेंगू को रोकेगा मोबाइल ऐप

डेंगू-डेंगू को रोकेगा मोबाइल एप-Panchayat Times

नई दिल्ली. मच्छरों के प्रकोप से हर साल लगभग 13 लाख से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचना पड़ता है. इसमें मच्छर जनित बीमारियों खासकर मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी इन्सेफेलाइटिस पीड़ित मामले ज्यादा होते हैं. ऐसे में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है. इसकी शुरुआत दो साल पहले 16 मई 2016 को शुरू की गई थी. भारत सरकार ने डेंगू की बीमारी के प्रति आम लोगों में जागरुकता लाने के लिए “भारत डेंगू से लड़ेगा “ मोबाइल एप्लिकेशन लांच किया है.

राष्ट्रीय डेंगू दिवस को मनाने का उद्देश्य डेंगू के बारे में जागरूकता प्रसारित, निवारक कार्रवाई की पहल और रोग के संचारण वाले मौसम के समाप्त होने तक डेंगू को नियंत्रित करना हैं. डेंगू मच्छर के काटने से प्रसारित होने वाला सामान्य वायरल रोग है.

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यह रोग मच्छर के माध्यम से संचारित होता है, जिसे एडीज एजिप्टी कहा जाता है. यह दो रूपों में होता है. इसका एक रूप क्लासिकल डेंगू बुखार होता हैं, जिसे हड्डी तोड़ “बुखार के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसमें रोगी के जोड़ों में गंभीर दर्द होता है. इसका दूसरा रूप डेंगू हैमरेज ज्वर यानि कि रक्तस्रावी डेंगू बुखार होता हैं. यह बुखार न केवल दर्दनाक होता है बल्कि जीवन के लिए प्राणघातक भी होता है. आमतौर पर, इसके परिणामस्वरुप नाक, मसूड़ों या मूत्र में असामान्य रक्तस्राव होता है.

यह रोग डब्ल्यूएचओ क्षेत्रों- अफ्रीका, अमेरिका, पूर्वी भूमध्य सागर, दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिमी प्रशांत सहित सौ से अधिक देशों में स्थानिक है. इस रोग से अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र अत्यधिक गंभीर रूप से प्रभावित हैं.

डेंगू भारत में विशेषकर बारिश के दिनों में होने वाला सामान्य रोग है. वर्ष 2015 में, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) के अनुसार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, तेलंगाना तथा अन्य राज्यों में डेंगू केअत्यधिक मामलों की सूचना मिली थी.

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रोकथाम-

डेंगू को रोकने का सबसे बेहतर उपाय मच्छरों के काटने और घरों के अंदर उसके आसपास मच्छरों प्रजनन के बचना है. ऐसे में इस बीमारी से बचने के लिए मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले साधनों का उपयोग करें.मच्छरों से बचने के लिए हाथ या पैर दिखने वाले परिधानों का उपयोग न करें. कपड़ें ऐसे पहने जिसमें हाथ पैर खुला न रहें. पानी को एक जगह स्थिर न रहने दें.

आमतौर पर मच्छरों के प्रजनन की प्रमुख जगहों में प्लास्टिक के बर्तन, बाल्टी, वाहनों के टायर्स, जल शीतलक (वाटर कूलर), पालतू जीव-जंतुओं के पानी पीने के बर्तन और फूलदान शामिल हैं. अत: सुनिश्चित करें कि सप्ताह में कम से कम एक बार उन्हें अवश्य साफ़ किया जाए. अपने आसपास के परिवेश में धुआं या कीटनाशकों के छिड़काव का उपयोग करें.

डेंगू को अनदेखा न करें-

यह रोग मच्छर के काटने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेज़ी से प्रसारित होता है. यह घातक हो सकता है! इसलिए बारिश के मौसम के दौरान हल्के से बुख़ार को भी कम नहीं समझना चाहिए.

” भारत डेंगू से लड़ेगा ” मोबाइल ऐप की यह विशेषताएं हैं-

1-उपयोगकर्ता डेंगू के लक्षणों को देख सकता हैं.
2-उपयोगकर्ता वर्तमान भौगोलिक स्थिति के अनुसार नजदीकी अस्पताल/ब्लड बैंक की जानकारी जान सकता है.
3-उपयोगकर्ता ईमेल के माध्यम से फीडबैक साझा कर सकता हैं.
4-डेंगू मच्छर से मुक्त क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए संवादात्मक (इंटरएक्टिव) और चित्रात्मक दृश्य देख सकता हैं.
5-डेंगू के बारे में मिथकों और तथ्यों को देख सकता हैं.
6- डेंगू की रोकथाम के लिए क्या करें ? और क्या न करें ? देख सकते हैं.
7-डेंगू से संबंधित पूछे जाने वाले सवाल देख सकते हैं.
8-डेंगू के खिलाफ़ लड़ाई के लिए मुन्नाभाई वीडियो देख सकते हैं.