मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर वर्षों पुराना सपना पूरा किया: सीएम

शिमला. भाजपा के राष्ट्रीय एकता अभियान के तहत ‘एक देश एक सविधान’ पर अनुच्छेद 370 को हटाना, एक ऐतिहासिक भूल का सुधार को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हम अनुच्छेद 370 के हटने की कल्पना करते थे. लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के गृहमंत्री ने पांच अगस्त को इसे हटा कर वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया.
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 15 में से 14 प्रान्तों ने प्रधानमंत्री पद के लिए सरदार पटेल के नाम की सहमति दी थी. सिर्फ एक ही प्रान्त नेहरू के पक्ष में था. फिर भी गांधी के कहने पर नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया. नेहरू ने कश्मीर रियासत को देश में मिलाने का जिम्मा लिया था लेकिन यह सपना अब अनुच्छेद 370 को समाप्त कर पूरा हुआ है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण वहां के लोग भावनात्मक तरीके से खुद को देश से नहीं जोड़ पाते थे. जब मैं संगठन के लिए जम्मू में काम करता था, तो हमारे कार्यालय के सामने जम्मू के सचिवालय पर दो झंडे लहराते थे. तब मुझे अनुच्छेद 370 का एहसास होता था. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लिए डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी ने अपना बलिदान दिया.
जय राम ठाकुर ने कहा यह बड़ी विचित्र स्थिति थी. कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है लेकिन देश की संसद का कानून कश्मीर में लागू नहीं होता था. इसी कारण अनुच्छेद 356 और 360 भी लागू नहीं होती थी. आरटीआई कानून भी लागू नहीं होता था. इसी तरह कश्मीर के अनुच्छेद 35 ए के कारण कई समस्याएं थीं. कश्मीर आने वाले लोगों को बाहर आया हुआ बताया जाता था.
कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि 2019 का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलतियों के कारण कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लगाया गया था. सारे देश के लिए एक समान विलय पत्र बना था. राजा हरि सिंह ने भी उसी पत्र पर भी हस्ताक्षर किए थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल ने कश्मीर विलय का मामला अपने हाथ में लेकिन सारा खेल ही खराब कर दिया.
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लिए परमिट व्यवस्था भी खड़ी कर दी. जब देश में जनसंघ बना तो डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी ने इस व्यवस्था का विरोध किया. उन्होंने अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए.अब वह दिन दूर नहीं जब पाक अधिकृत कश्मीर भारत का भाग होगा.