हिमाचल प्रदेश में 15 फरवरी से नहीं मारे जा सकेंगे बंदर

हिमाचल प्रदेश में 15 फरवरी से नहीं मारे जा सकेंगे बंदर-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. हिमाचल की 91 तहसीलों में 15 फरवरी से बंदरो को नही मार पाएगे. खुंखार बंदरों को मारने की दी गई समयावधि 14 फरवरी को पूरी हो जाएगी. वन एवं पर्यरवरण मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से सिर्फ बीते साल 14 फरवरी को एक साल के लिए बंदरों को मारने की अनुमति दी गई थी.

राज्य सरकार ने हांलाकि बंदरों को मारने की दी गई समयावधि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से मांग की है, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकार को अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. ऐसे में जब तक केंद्र से जब तक समयावधि बढ़ाने की अनुमति नही मिलती तब तक राज्य की 91 तहसीलों के क्षेत्रों में बंदरों को नहीं मार सकेंगे.

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने वाइल्ड लाइफ विंग से एक साल की अवधि में बंदरों के मारे जाने का ब्यौरा भी मांगा है. क्योंकि केंद्र सरकार ने ही राज्य की 91 तहसीलों मे किसानों की मेहनत पर बंदरों के आतंक को देखते हुए बंदरों को मारने की अनुमति दी थी.

बता दें कि वर्ष 2015 में हुई गणना के मुताबिक प्रदेश में 2 लाख 7 हजार बंदर हैं। जिसमें से 1 लाख 70 हजार बंदरों की नसबंदी हो चुकी है. बताया गया कि पिछले साल 20 हजार बंदरों की नसबंदी हुई. इस बार भी वन विभाग ने 20 हजार बंदरों की नसबंदी का टारगेट फिक्स किया है. बताया जा रहा है कि इस साल बंदरों की गणनणा की जाएगी.

राजधानी शिमला में तो वन विभाग ने लोगों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए 9 मंकी वॉचर्स तैनात किए थे.हैरानी इस बात की है कि इन मंकी वॉचर्स ने एक भी बंदर नहीं मारा. लोगों की सुरक्षा के लिए ही नौ मंकी वॉचर्स को ईको बटालियन कुफरी से शिमला में तैनाती दे दी गई. वाइल्ड लाइफ विंग हैड क्वाटर के मुताबिक अभी तक एक भी बंदर मारने की रिपोर्ट नहीं आई हैं.

उधर इस मामले में वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का कहना है कि राज्य की 91 तहसीलों में बंदरों को मारने के लिए केंद्र सरकार से राज्य सरकार ने फिर से अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नही मिला.