नई दिल्ली: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक कुल 1607 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 1196 परियोजनाएं पूरी होकर चालू हो चुकी हैं, जबकि 411 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में क्रियान्वयनाधीन हैं।
परियोजनाओं में देरी के कारण
मंत्रालय के अनुसार, परियोजनाओं में देरी के पीछे मुख्य कारण— विभिन्न वैधानिक अनुमतियों का समय पर न मिलना, राजस्व, नगर नियोजन, बिजली, जल प्राधिकरण,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और लाइसेंसिंग अथॉरिटी से मंजूरी में विलंब इन कारणों से अनुदान राशि जारी होने में देरी होती है, क्योंकि फंड तभी जारी किया जाता है जब सभी निर्धारित शर्तें पूरी हों।
योजना की विशेषताएं
PMKSY एक केंद्रीय क्षेत्र की मांग-आधारित योजना है
राज्यों को अलग-अलग फंड आवंटित नहीं किया जाता
Expression of Interest (EoI) के माध्यम से देशभर से आवेदन आमंत्रित
परियोजनाओं को योग्यता और मेरिट के आधार पर मंजूरी
पिछले 5 वर्षों में राज्यवार स्थिति
पिछले पांच वर्षों (2021-22 से 2025-26) में सबसे अधिक परियोजनाएं
महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में स्वीकृत और पूर्ण की गई हैं।
राज्यवार एवं वर्षवार विवरण Annexure-1 में दिया गया है।
₹6520 करोड़ के फंड का उपयोग
15वें वित्त आयोग चक्र के तहत ₹6,520 करोड़ के आवंटन में से
16 जनवरी 2026 तक ₹4,772.71 करोड़ का उपयोग किया जा चुका है।
इसमें अतिरिक्त ₹1,920 करोड़ का आवंटन भी शामिल है।
प्रमुख योजनाओं में फंड उपयोग
मेगा फूड पार्क: ₹561.30 करोड़ (100%)
कोल्ड चेन एवं वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹1194.6 करोड़
फूड प्रोसेसिंग क्षमता विस्तार: ₹1511.4 करोड़
ऑपरेशन ग्रीन्स: ₹621.38 करोड़
लोकसभा में दी गई जानकारी
यह जानकारी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने लोकसभा में में दी।
