लॉकडाउन में मां-बेटी ने कृषि में नई तकनीक का उपयोग कर सब्जी उत्पाद में किया रिकॉर्ड हासिल

मां-बेटी ने कृषि में नई तकनीक का उपयोग कर सब्जी उत्पाद में किया रिकॉर्ड हासिल-Panchayat Times

रांची. कोरोना वॉयरस कोविड-19 महामारी के कारण लागू देशव्यापी पूर्ण तालाबंदी के बीच ही रांची के कांके प्रखंड की मां-बेटी ने कृषि में नई तकनीक का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड सब्जी उत्पादन कर एक मिसाल कायम किया है. मां-बेटी ने लॉकडाउन के बावजूद सब्जी बेच कर अच्छा मुनाफा कमाया.

रांची जिले के कांके प्रखंड अंतर्गत कुम्हारिया गांव की अनामिका देवी और उनकी बेटी सुजीता मिंज ने खेती बारी में नए तौर-तरीकों को अपनाकर सब्जी का भरपूर उत्पादन कर रही हैं.

अनामिका देवी बताती हैं कि एक समय था जब उनकी जमीन पर मुश्किल से कुछ उपज होती थी. तब ऐसा जान पड़ता था कि खेती-बाड़ी करना पैसे की बर्बादी हो , लेकिन जब से वह झारखंड राज्य आजीविका मिशन से जुड़ी तब से उनके खेती करने का और तरीका ही बदल गया. ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से उन्होंने खेती बारी शुरू की और आज उसी जमीन से भरपूर उत्पादन कर रही हैं.

अनामिका देवी काफी सजग और जागरूक महिला है. केंद्र सरकार से मिलने वाली विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं का भी वे भरपूर लाभ उठाती हैं.

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनके खाते में किसान योजना के तहत मिलने वाली 2000 की राशि भी मिली थी जिसका उपयोग उन्होंने कृषि कार्य में किया.

बेटी का मिलता है भरपूर सहयोग

अनामिका देवी को उनकी बेटी सुजीता मिंज का भी भरपूर सहयोग मिलता है. सुजीता मां के साथ घर के काम में तो हाथ बताती ही हैं. कृषि कार्य में भी कंधे से कंधा मिलाकर उनका सहयोग करती हैं. सुजीता को भी लगता है कि नई तकनीक के आ जाने से कृषि कार्य काफी सरल हो गया है.

उनका कहना है कि पहले बहुत ज्यादा मेहनत करने से थोड़ा बहुत लाभ मिलता था लेकिन जब से खेती के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल होने लगा है तब से कम मेहनत में अधिक उपज और मुनाफा होने लगा है.

सुजीता के पति भी खेती-बाड़ी में उनका सहयोग करते हैं. सुजीता की माने तो मां बेटी सब्जी का उत्पादन करती हैं वही सुजीता के पति मंडियों में सब्जी बेचने का काम करते हैं. परिवार के पुरुष सदस्य द्वारा बिक्री का जिम्मा संभालने के कारण सुजीता को बिचौलियों से भी मुक्ति मिल गयी और मुनाफा भी बढ़ गया.