डेढ़ साल से मृतक की मां को नहीं मिला मुआवजा

सुंदरनगर (मंडी). सुंदरनगर नगर परिषद में सेवादार के पद पर सेवारत महादेव के रूप सिंह का डेढ़ साल पहले निधन हो गया है. रूप सिंह के निधन से तीन माह पूर्व उसकी पत्नी का भी निधन हो गया था, लेकिन नगर परिषद की ओर से रुप सिंह के परिवार को ना तो कोई आर्थिक सहायता दी गई है और ना ही विभाग की ओर से आज दिन तक कोई विभागीय वित्तीय लाभ दिए गए हैं.

जिसके चलते रूप सिंह की 90 वर्षीय वृद्ध मां नारदो देवी वर्तमान में दो वक्त की रोजी रोटी जुटाने के लिए दाने दाने को मोहताज है. इस बारे में नगर परिषद भलीभांति परिचित होने के बावजूद भी कोई भी अपने ही मृतक विभागीय कर्मी के परिवार के साथ मिलजुल कर कार्रवाई अमल में लाने में विफल रही है, लेकिन इतना लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी रूप सिंह के परिवार को विभाग की ओर से कोई भी लाभ नहीं मिला है. रूप सिंह एक सरकारी पद पर सेवादार के रूप में कार्य था. उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है और परिवार में 90 वर्षीय नारदो देवी के अलावा कोई भी नहीं है.

रूप सिंह के मौत होने के बाद बूढ़ी महिला विभाग से आस लगाए बैठी है कि कब जाकर उसको विभाग की ओर से मदद मिलेगी और वह अपने जिंदगी के अंतिम पड़ाव का सफर सुखद बिताएगी. नगर परिषद द्वारा अभी तक कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है. जबकि इस केस के संबंध में तमाम कागजी कार्यवाही पूरी हो चुकी है. बावजूद इसके नगर परिषद रूप सिंह की माता के साथ नियमों के तहत कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए तैयार नहीं है.

90 वर्षीय नारदो देवी का कहना है की मेरे दोनों बेटे नगर परिषद के कार्यरत थे, लेकिन दोनो का देहांत हो चूका है और अब घर पर कमाने वाला कोई भी नहीं है. जिस की वजह से में खाना खाने के लिए भी लाचार हूं.  आज तक नगर परिषद की ओर से मुझे कोई भी लाभ और पेशन नहीं मिल पाई है.

नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया की नगर परिषद में सेवादार के पद पर सेवारत महादेव के रूप सिंह का डेढ़ साल पहले निधन हो गया चूका है. रूप सिंह के निधन से तीन माह पूर्व उसकी पत्नी का भी निधन हो गया था, लेकिन रूप सिंह की की माता को आज तक कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है. जिसके लिए सभी कागजात बड़े अधिकारियों को शिमला भेजे गए है जैसे ही अधिकारियों का जबाब आएगा उसी आधार पर वृद्ध महिला को पेंशन लग जायेगी.