स्कूलों में बच्चे क्यों नहीं आ रहे, इसकी चिंता करे सरकार : रामटहल चौधरी

रांची. राजधानी रांची से बीजेपी सांसद रामटहल चौधरी ने स्कूल मर्ज करने को लेकर रघुवर सरकार को नसीहत देते हुए कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने सोच समझकर खोला था. प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को मर्ज करना सरकार को बन्द करना चाहिए.

प्रदेश भाजपा कार्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि “मैंने यह पत्र 4 महीना पहले ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को लिखा था. स्कूलों को मर्ज कर बन्द करना व्यवहारिक नहीं है. क्योंकि इस काम को अटल बिहारी वाजपेयी और मुरली मनोहर जोशी ने किया था.”

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सांसद ने उदाहरण दिया कि राज्य में पहाड़ी इलाके हैं वहां नजदीक में स्कूल हो इसके लिए जगह खोजकर स्कूल खोला गया है. उन्होंने कहा कि अभी स्कूलों में छात्र नहीं है. इसका बहाना करने की बजाय छात्र क्यों नहीं है इसकी चिंता सरकार को करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षक नहीं है तो छात्र केवल खिचड़ी खाने वहां नहीं आएंगे. उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब लोग भी अब चाहते हैं कि उनके बच्चे बच्चियों को वो पढ़ाएं. ऐसे में शिक्षकों की नियुक्ति वहां करनी चाहिए और साल भर कम से कम अवसर देना चाहिए. अगर उसके बाद भी सुधार नहीं होता है तब बंद करने की कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि सरकार को इसपर पुनर्विचार करना चाहिए.

आपको बता दें कि राज्य के 12 बीजेपी सांसदों ने राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के विलय करने पर रोक लगाने की मांग की है. 12 सांसदों में दो केंद्र सरकार में मंत्री हैं. इस बाबत सांसदों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखकर इस निर्णय पर कम से कम एक साल तक रोक लगाने को कहा है.