नई दिल्ली. आज 26/11 मुंबई हमले की बरसी पर देश ने उन बहादुर जवानों और निर्दोष नागरिकों को याद किया जिन्होंने इस कायराना आतंकी हमले में अपने प्राण गंवाए। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश: “हम शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 26/11 हमला देश की आत्मा पर हुआ हमला था। उन्होंने लिखा कि राष्ट्र उन वीर सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने देशवासियों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। आज हम सभी नागरिक आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को फिर दोहराएं और एक मजबूत तथा समृद्ध भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ें।”
गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प: “Zero Tolerance Policy जारी रहेगी”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस दुखद घटना को याद करते हुए कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है। उन्होंने श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि भारत दुनिया के सामने आतंकवाद के खिलाफ एक मज़बूत स्टैंड और Zero Tolerance Policy लेकर खड़ा है।
उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। दुनिया आज भारत की एंटी-टेररिज़्म स्ट्रैटेजी की प्रशंसा कर रही है और हमारा समर्थन कर रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद सुरक्षाकर्मियों की वीरता को किया सलाम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26/11 हमले में बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों, NSG कमांडो और सुरक्षा बलों को नमन किया। उन्होंने कहा कि इन शहीदों के बलिदान ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और आतंकवाद के प्रति अडिग बनाया है।
उन्होंने लिखा कि उन सुरक्षा बलों की वीरता और अदम्य साहस को नमन, जिन्होंने आतंक के सामने हार नहीं मानी और देश को सुरक्षित रखने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।”
क्या हुआ था 26/11?
यह आतंकी हमला 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुआ था। पाकिस्तान से आए दस लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों ने ताज होटल, ओबेरॉय, CST स्टेशन, नरीमन हाउस, कैफे लियोपोल्ड सहित कई जगहों को निशाना बनाया। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। करीब 60 घंटे चली इस मुठभेड़ में NSG कमांडो और मुंबई पुलिस ने आतंकियों का सफाया किया।
राष्ट्र की प्रार्थना: “Never Forget & Never Forgive”
लोग शहीदों की याद में श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ एकता दिखा रहे हैं।
