सोलन में मस्कुलर डिस्ट्रोफी पुनर्वास केंद्र पहुंचे राज्यपाल

मस्कुलर डिस्ट्रोफी पुनर्वास केंद्र के ‘मानव मंदिर’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ राज्यपाल आचार्य देवव्रत

सोलन. मानव सेवा ही हरी सेवा के उद्देश्य को लेकर सोलन के कोठो गांव में देश के पहले मस्कुलर डिस्ट्रोफी पुनर्वास केंद्र के ‘मानव मंदिर’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया. इस केंद्र के खुलने से पूरे देश के मस्कुलर डिस्ट्रोफी के रोगियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल रही हैं. इस दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने देश के विभिन्न राज्यो से आये दिव्यांगो से मिले और उनका हाल चाल जाना.

सांस्कृतिक गीतों के माध्यम से दिव्यांगों ने जीता दिल

इस दौरान दिव्यांगों ने भी अपनी प्रतिभा को सांस्कृतिक गीतों के माध्यम से उपस्थित लोगों के सामने रखा. अखिल भारतीय मस्कुलर डिस्ट्रोफी संस्था की तरफ से बनाया गया यह संस्थान डिस्ट्रोफी रोगियों के लिए कामधेनु साबित हो रहा है. कार्यक्रम में पुनर्वास केंद्र के लिए सहयोग करने वाले लोगों को मुख्य अतिथि ने समृतिचीन देकर सम्मानित किया.

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डिस्ट्रोफी के रोगियों का सबसे बड़ा संसथान

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा की यह एशिया का पहला मस्कुलर डिस्ट्रोफी के रोगियों का सबसे बड़ा संसथान बना है. जिसमें देश भर से रोगी आकर स्वस्थ्य लाभ ले रहे हैं. उन्होने आशा जताई की इस सेंटर के खुलने से मस्कुलर डिस्ट्रोफी के रोगियों को बहुत लाभ मिलेगा. राज्यपाल ने संस्थान को बनाने में सहयोग करने वाले दानी सज्जनो का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी लोगो से सहयोग करने की अपील भी की.

विभिन्न थेरपीयो से रोगियों का इलाज

अखिल भारतीय मस्कुलर डिस्ट्रोफी संस्था की चौयरमेन उमा बाल्दी ने जानकारी देते हुए बताया कि मस्कुलर डिस्ट्रोफी सेंटर देश का सबसे बेहतरीन सेंटर है उन्होंने कहा की इस सेंटर को चलने वाले सभी पदाधिकारी भी मस्कुलर डिस्ट्रोफी रोग से ही ग्रसित हैं उन्होंने कहा की अभी तक इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है. उन्होंने कहा की संस्थान के खुलने से देश में इस बिमारी से ग्रसित रोगियों को विभिन्न थेरपीयो से रोगियों का इलाज किया जा रहा है.