कांग्रेस पर नकवी का हमला, “2013 में ठुकराया अब कर रही लिंगायत धर्म की वकालत”

रांची. केन्द्रीय मंत्री और झारखण्ड से राज्यसभा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कर्नाटक में लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने के मामले में कांग्रेस पर हमला बोला. राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की मूर्ति के नीचे बीजेपी के धरने में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले जवाब देना चाहिए कि जब 2013 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने इस प्रस्ताव को क्यों ठुकरा दिया था.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस प्रस्ताप पर 50 पेज का स्पष्टीकरण भी दिया था. जिसमें लिखा गया था कि अलग धर्म होने पर लिंगायत समुदाय को एससी/एसटी स्टेटस पर पेंच फंस सकता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी फिर लिंगायत धर्म की वकालत कर रही है.

उन्होंने कहा कि एक तरफ सदन में बिल पर चर्चा नहीं होती है जबकि उस पूरी प्रक्रिया में खर्च बहुत हो जाता है इसपर विपक्षी दलों को एकबार सोचना चाहिए. पिछले तीन साल से विपक्ष का यही रवैया था. अब जब पानी सर से ऊपर चला गया तब जाकर बीजेपी ने पूरे देश में इस तरह के धरना का कार्यक्रम आयोजित किया है.

उन्होंने कहा कि संसद में हंगामा मचाकर कार्यवाही बाधित कर विपक्षी दल गरीबों का दिल तोड़ रहे हैं. सदन में पेश होनेवाले बिल देश के गरीब और आम जनता जुड़े होते हैं. उन्होंने कहा की इस तरह सदन की कार्यवाही ठप कराना सही नहीं है. सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी होती है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दे. धरने में राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार सहित अन्य भाजपा नेता शामिल रहे.