झारखंड | राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की टीम कर रही है रांची, धनबाद, खूंटी और हजारीबाग जिलों के 3 से 5 गांवों दौरा, मिशन की प्रगति और कार्यान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर हो रही है चर्चा

रांची. राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की एक टीम 6 से लेकर 9 सितंबर तक झारखंड के चार जिलों रांची, धनबाद, खूंटी और हजारीबाग का दौरा कर रही है. राज्य में राष्ट्रीय जल जीवन मिशन टीम के सदस्य व्यवहार्यता के आधार पर प्रत्येक दिन जिले के 3 से 5 गांवों का दौरा कर रहे हैं.

टीम वहां पर मिशन की प्रगति और कार्यान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी, जमीनी स्तर पर स्थिति का अवलोकन करेगी और साथ ही साथ परिवारों के लिए नल जल कनेक्शन के कवरेज की व्यवस्था शतप्रतिशत करने की योजना के बारे में चर्चा करेगी. टीम जिला के अधिकारियों, स्थानीय ग्रामीण समुदाय, ग्राम पंचायतों के सदस्यों आदि से बातचीत कर रहे हैं. जिलों का दौरा करने के बाद वे राज्य की टीम के साथ बातचीत करेंगे.

योजना 2023-24 तक सभी परिवारों को नल से जल

झारखंड राज्य की योजना 2023-24 तक सभी परिवारों को शतप्रतिशत एफएचटीसी बनाने की है. राज्य के 59.24 लाख ग्रामीण परिवारों में से 8.60 लाख (14.5%) परिवारों को नल जल कनेक्शन मिल चूके है. 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन की शुरूआत के समय झारखंड में केवल 3.45 लाख (5.85%) ग्रामीण परिवारों को नल जल की आपूर्ति हो रही थी.

24 महीनों में, राज्य में 5.15 लाख परिवारों (8.7%) को नल जल कनेक्शन प्रदान किये गये है. हालांकि, ग्रामीण परिवारों में नल जल आपूर्ति प्रदान करने वाली राष्ट्रीय औसत में हुई 23% बढ़ोत्तरी की तुलना में, झारखंड में यह प्रगति बहुत ही धीमी रही है.

572.24 करोड़ रुपये मिले लेकिन 143.06 करोड़ रुपये ही हुए खर्च

राज्य को 2020-21 के दौरान 572.24 करोड़ रुपये का केंद्रीय अनुदान आवंटित किया गया, लेकिन यह केवल 143.06 करोड़ रुपये ही प्राप्त कर सका और ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल की आपूर्ति के कार्यान्वयन की रफ्तार धीमी होने के कारण 429.18 करोड़ रुपये उसे वापस करने पड़े.

2,479.88 करोड़ रुपये का बजट

वहीं 2024 तक हर घर नल जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने में राज्य को सहायता प्रदान करने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य के लिए केंद्रीय आवंटन को चार गुना बढ़ाकर 2,479.88 करोड़ रुपये कर दिया है.

इस बढ़े हुए केंद्रीय आवंटन और राज्य के 2,617.81 करोड़ रुपये के बराबरी के योगदान के साथ, झारखंड राज्य को 2021-22 में जल आपूर्ति कार्यों के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 5,235.62 करोड़ रुपये का परिव्यय उपलब्ध है. हालांकि, कमजोर भौतिक और वित्तीय प्रगति होने के कारण राज्य को अभी तक केंद्रीय आवंटन की पहली किश्त भी प्राप्त नहीं हुई है.

पंचायतों को 750 करोड़ रुपये आवंटित

इसके अतरिक्त, झारखंड को ग्रामीण स्थानीय निकायों/पीआरआई को पानी और स्वच्छता के लिए 15वें वित्त आयोग से संबद्ध अनुदान के रूप में 750 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.अगले पांच वर्षयानी 2025-26 तक राज्य के पास 3,952करोड़ रुपये की निधि सुनिश्चित है.

गजेंद्र सिंह शेखावत ने झारखंड के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस बात पर बल दिया है कि लक्ष्य की प्राप्ति समयबद्ध रूप से करने के लिए सभी गांवों में नल जल कनेक्शन प्रदान करने का काम शुरू किया जाना चाहिए.

शेखावत ने आशा व्यक्त किया है कि इस आवंटन के माध्यम से झारखंड राज्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभिन्न नियोजित गतिविधियों की प्राप्ति के लिए कार्यान्वयन में तेजी लाने में सक्षम बनेगा. केंद्रीय मंत्री ने राज्य से आग्रह किया है कि वे राज्य के लिए उपलब्ध संपूर्ण केन्द्रीय अनुदान सहायता राशि को प्राप्त करने और उसका उपयोग करने की दिशा में हरसंभव प्रयास करें.

कब हुई थी जल जीवन मिशन की शुरूआत

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की थी. इस मिशन को 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल जल का कनेक्शन प्रदान करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशोंके साथ मिलकरकार्यान्वित किया जा रहा है. 2021-22 में जल जीवन मिशन के लिए कुल 50,011 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है.

इस वर्ष ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश

राज्य के अपने संसाधनों और पानी एवं स्वच्छता के लिए आरएलबी/पीआरआई को 15वें वित्त आयोग से संबद्ध अनुदान के रूप में 26,940 करोड़ रुपये की राशि के साथ, इस वर्ष ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जा रहा है. इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त हो रही है.

कितना पूरा हुआ है अभी लक्ष्य

15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा के समय, देश के कुल 18.93 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों (17%) के पास नल जल कनेक्शन उपलब्ध थे. तब से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 4.87 करोड़ (25.25%) परिवारों को उनके घरों में नल जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं. अबतक, देश के कुल 19.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से, 8.11 करोड़ (42.2%) ग्रामीण परिवारों को उनके घरों में पीने योग्य नल जल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है.