देश के सभी महानगरों के बीच में “काउ हॉस्टल” की बनाने की आवश्यकता : पुरुषोत्तम रूपाला

देश के सभी महानगरों के बीच में

नई दिल्ली. केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री, कृषि और किसान कल्याण पुरुषोत्तम रूपाला अद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कि ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए. यह कार्यक्रम 14 से 16 फरवरी तक चलेगा. मल्टी लेयर फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर में पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि देश के सभी महानगरों के बीच में “काउ हॉस्टल” की बनाने की आवश्यकता है, ताकि महानगर में भी गाय पालना आसान हो सके और देशी गाय से जैविक खेती कर सके.

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली नोएडा जैसे शहर में भी लोग इतने गंभीर हैं. यह जानकर अच्छा लगता है. दुनियां में ट्रेंड के आधार पर ही वस्तुओं की मांग होती है. विश्व में फैले कोराना वायरस के वजह से लोग खाने में और भी सहज हो गए हो गए है. खाने से पहले यह सोचने लगे है कि भोजन में कैलोरी कितनी है एक जमाना था जब सब पंगत में जबरदस्ती मिठाई खिलाते थे और न खाने पर लोग गुस्सा होते थे. अब इसका ठीक उल्टा हो गया है. अब खाने में सोचने वालों की तारीफ होती है.

हम सब को किसान की आय दुगनी कैसी हो इसके बारे में सोचना चाहिए

रूपाला ने कहा कि भारत में पहले से ही जैविक खेती होती थी. बस किसानों को समझाने की आवश्यकता है. हम सब को किसान की आय दुगनी कैसी हो इसके बारे में सोचना चाहिए. इसके लिए एक संगठन खड़ा करने की आवश्यकता है. हम सबको मिलकर किसानो के लिए काम करना होगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात के सूरत में हमने 200 लोगों को इकठ्ठा किया और उनको जरुरत के हिसाब से सब्जी इत्यादि उनको घर तक पहुंचाते थे. ऑनलाइन जैसे सामान खरीदते है वैसे ऑनलाइन सब्जी बेचने की भी व्यवस्था करनी चाहिए. हमे मार्केट के साथ चलने की जरूरत है.

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ऑर्गेनिक खेती एक्सपर्ट दीपक नदवेडे ने कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपनी अगली पीढ़ी को क्या दे रहे हैं? वो हमसे पूछेंगे की हम बीमार क्यों पड़ रहे हैं तो हम उन्हें क्या जवाब देंगे? अगली पीढ़ी को विष मुक्त भोजन दे सके इसके लिए जरूरी है केमिक मुक्त खेती करे.
मल्टी लेयर खेती एक्सपर्ट आकाश चौरसिया ने बताया कि रसायन का प्रयोग हरित क्रांति के दौरान पैदावर बढ़ाने के लिए था लेकिन हमने लालच में आकर अति कर दिया. हमें प्रकृति को बचाने के लिए जैविक खेती करनी होगी. हमारा देश में जो सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश है वहां स्कूल कम हॉस्पिटल एवं दवा की दुकान अधिक है. हमारे देश में दिल के मरीज बढ़ रहे है. केमिकल की वजह से जमीन बंजर हो रहा है.

आकाश ने बताया कि हमारे देश में खेती को सबसे घटिया काम बताया गया. जिस कारण युवा खेटिंस दूर होते गए. खेती की बेसिक स्किल आगे की पीढ़ी में ट्रांसफर नहीं हुआ, खेती एक कला है जो विलुप्त होती चली गई. हमारे देश में और पूरे विश्व में पानी की लगातार कमी हो रही है. जिससे निजात पाने के लिए मल्टी लेयर फार्मिंग करने की जरूरत है. इस से पानी का वस्पिकरण 70-80 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने बताया कि देशी गाय पालन को बढ़ाने की आवश्यकता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना किसान कि आय दुगनी हो सके इसके लिए जैविक उत्पाद करने की जरुरत है. नोएडा सेक्टर 167 स्थित इस कार्यक्रम में देश भर के कृषि से जुड़े छात्राओं एवं लोगों हिस्सा लिया.