बांस और औषधीय पौधों से बनाइये नए जंगल, प्रकाश जावड़ेकर की राज्यों से अपील

वनीकरण गतिविधियों में बांस तथा औषधीय पौधों को शामिल किए जाने पर विचार

नई दिल्ली. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्यों को पत्र जारी कर बंजर वन भूमि तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में की जा रही वनीकरण गतिविधियों में बांस तथा औषधीय पौधों को शामिल किए जाने पर विचार करने को कहा है.

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके मंत्रालय ने बंजर वन भूमि तथा निकटवर्ती क्षेत्र पर किए जा रहे वनीकरण कार्यकलापों में बांस तथा औषधीय पौधों को शामिल किए जाने पर विचार करने के लिए सभी राज्यों को पत्र जारी किया है.

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साभार- Wikimedia Commons

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मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने राज्यों को स्थानीय और स्वदेशी प्रजातियों के पौधरोपण के लिए सलाह भी जारी की है. उन्हें वन महोत्सव और विश्व पर्यावरण दिवस जैसे विभिन्न अवसरों पर नीम, पीपल और बरगद आदि के पौधों के रोपण का सुझाव दिया गया है. जावड़ेकर ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पहले ही स्मार्ट कैंपस के कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है, जहां परिसर का हरितकरण किया जाना एक प्रमुख घटक है.