नई दिल्ली: बिहार के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें सदन में शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री पद से जल्द देंगे इस्तीफा
राज्यसभा सदस्य बनने के बाद अब नीतीश कुमार का बिहार में लंबा कार्यकाल समाप्त होने की ओर है। उन्होंने पहले ही विधान परिषद सदस्य (MLC) पद से इस्तीफा दे दिया था,वे 30 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए थे, NDA अब 14 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री का चयन कर सकती है।
दिल्ली में नई जिम्मेदारी निभाने का फैसला
नीतीश कुमार ने दिल्ली में कहा कि उन्होंने बिहार में काफी काम किया है और अब वे नई जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा “मैंने बिहार में बहुत काम किया है, अब मैं यहां रहकर काम करना चाहता हूं,”। उन्होंने यह भी बताया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और नए मुख्यमंत्री व मंत्रियों की नियुक्ति होगी।
सबसे लंबे समय तक रहने वाले बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं।
1985 में पहली बार विधायक बने
केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे
2005 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने
कई कार्यकालों में राज्य की राजनीति का नेतृत्व किया
राजनीतिक अनुभव और प्रभाव
नीतीश कुमार को देश के सबसे अनुभवी नेताओं में गिना जाता है।
जेडीयू (JD(U)) के प्रमुख नेता
NDA की राजनीति में अहम भूमिका
सुशासन और विकास के मुद्दों पर पहचान
NDA 14 अप्रैल को चुन सकती है नया मुख्यमंत्री
सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ NDA गठबंधन 14 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकता है। नए नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज हो रही है, सहयोगी दलों से भी सलाह-मशविरा जारी कैबिनेट में भी बदलाव हो सकते हैं।
बिहार की राजनीति पर क्या होगा असर?
नीतीश कुमार के पद छोड़ने से बिहार की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं:
NDA में नेतृत्व का नया चेहरा उभरेगा
विपक्ष के लिए नई रणनीति बनाने का मौका
राज्य की नीतियों और प्राथमिकताओं में बदलाव संभव
