पिछले 5 सालों में देश के ग्रामीण हिस्सों में नहीं बंद हुई सरकारी बैंकों की कोई भी ब्रांच लेकिन एक दूसरे में मिला दी गई 160 ब्रांच, 668 नई शाखाएं खुली

पिछले 5 सालों में देश के ग्रामीण हिस्सों में नहीं बंद हुई सरकारी बैंकों की कोई भी ब्रांच लेकिन एक दुसरे में मिला दी गई 160 ब्रांच, 668 नई शाखाएं खुली - Panchayat Times
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नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने संसद में पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि देश के ग्रामीण हिस्सों में राष्ट्रीयकृत बैंकों की कोई भी शाखा बंद नही कि गई है. राज्यसभा में सांसदो की और से पूछे गया था कि “क्या क्या यह सच है कि राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय करने से बैंकों की ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ शाखाएं बंद कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को विशेष रूप से किसानों/ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है”.

5 वर्षों के दौरान राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 668 शाखाएं खोली गई

इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड ने बताया कि देश के ग्रामीण हिस्सों में राष्ट्रीयकृत बैंकों की कोई भी शाखा बंद नही कि गई है. उन्होनें बताया कि पिछले 5 वर्षों के दौरान राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 668 शाखाएं खोली गई है जिसमें सबसे ज्यादा 59 आंध्र प्रदेश में खोली गई है.

ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा पिछले 5 साल में खोली गई शाखाओं की संख्या [राज्यवार]

5 वर्षों में 160 शाखाओं का विलय

हालांकि मंत्री ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में 160 शाखाओं का विलय एक दूसरे में कर दिया गया है. इसके अलावा इन आंकड़ों में उन 52 शाखाओं की सूचि शामिल नहीं है जिनको बढ़ती आबादी के कारण ग्रामीण से अर्द्ध-शहरी खाखाओं में बदल दिया गया है.