राज्य के किसी भी स्कूल का विलय नहीं होगा इसकी घोषणा करें मुख्यमंत्री: सुप्रियो भट्टाचार्य

राज्य की कोई भी स्कूल का विलय नहीं होगा इसकी मुख्यमंत्री करें घोषणा: झाविमो-Panchayat Times
राज्य की कोई भी स्कूल का विलय नहीं होगा इसकी मुख्यमंत्री करें घोषणा: झाविमो
रांची. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मांग की है कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करें कि राज्य के किसी भी स्कूल का विलय नहीं होगा और शिक्षक नियुक्ति की व्यवस्था की जाएगी.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के 12 सांसदों ने जिनमें से दो मंत्री भी शामिल है. मुख्यमंत्री को एक पत्र लिख कहा है कि राज्य में जो 1500 स्कूल का विलय होना हैं, वह न किया जाए. इससे लोगों में आक्रोश है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के नाम पर लोगों को अशिक्षित करने का मन बना रही है, ताकि राज्य में विकास न हो सके. झारखंड मुक्ति मोर्चा शुरू से ही 1500 स्कूल के विलय पर आपत्ति जता जताती रही है. सरकार स्कूल बंद कर शराब की दुकान ज्यादा खोल रही हैं. पारा शिक्षकों को मात्र 8000 रुपए मानदेय मिलते हैं जबकि शराब बेचने वाले को 25 से 28000 रुपए तक दिया जा रहा है.
उन्होंने भाजपा सांसदों के पत्र पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सांसदों ने 1 साल तक इसे बंद न करने बात अपने पत्र में कही है. ऐसा उन्होंने इसलिए किया है. क्योंकि 1 साल में चुनाव होने हैं और ऐसी स्थिति में वह अपने क्षेत्र में घूम नहीं पा रहे हैं. गुरुवार को एक होटल में हुए. शिक्षा विभाग की कार्यशाला पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल में वोकेशनल कोर्स के नाम पर एनजीओ के साथ एमओयू साइन कर रही है. इसका मतलब है सरकार एनजीओ के साथ मिलकर शिक्षा का बाजार बनाना चाहती है.
उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में खिलाड़ियों और छात्रों से नाश्ता बनाए जाते हैं. वही नगर विकास मंत्री के आवास पर कुर्सियां भी लगाई जाती है. यह कहां तक उचित है. मोमेंटम झारखंड, ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी विषय पर उन्होंने कहा कि अभी तक राज्य में सिर्फ दो ही फैक्ट्री लगी है. वह भी जमशेदपुर में एक चौमिन की फैक्ट्री और एक ब्रेड की फैक्ट्री शुरू हुई है. जबकि सरकार की योजना के तहत बना मेगा फूड पार्क सरकार ने बंद कर दिया.